नेशनल कोविड-19 सुपरमॉडल कमेटी के मौजूदा अनुमान बताते हैं कि अगले सप्ताह के शुरू में दूसरी कोविड लहर के चार लाख मामलों के आसपास पीक पर पहुंचने की अपेक्षा है, जिसमें 20,000 मामले कम या ज़्यादा हो सकते हैं.
पिछली टीम में सिर्फ सिविल सर्वेंट्स थे. नई टीम में, सभी नौ सदस्यों को राज्य में महामारी से निपटने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और इसमें मंत्रियों को भी शामिल किया गया है.
दिप्रिंट ने एक वार्ड-स्तरीय कोविड वार रूम में घंटों बिताए जहां 16 लोगों की एक टीम अस्पताल में बेड की तलाश कर रहे रोगियों के फोन अटेंड करने के लिए हैं. कर्मचारियों का कहना है कि पिछला महीना सबसे व्यस्त रहा.
उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 31,70,228 हो गयी है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 16.90 प्रतिशत है. लोगों के ठीक होने की दर घटकर 81.99 प्रतिशत हो गयी है.
भारत में कोविड संकट का असर दिखाने की कोशिश में जुटे विदेशी मीडिया आउटलेट के लिए इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार लगातार निशाने पर रही है.
ऑक्सीजन की तलाश में मारे-मारे फिर रहे तमाम लोग दिल्ली के शाहीनबाग स्थित एसी मरम्मत की एक दुकान वसीम गैसेज पर पहुंच रहे हैं, क्योंकि अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं है.
सीएम योगी ने इस बैठक में निर्देश दिया कि डॉक्टरों का पैनल बना कर लोगों को बताया जाए कि किसे अस्पताल में भर्ती होना है, किसे रेमडिसिविर की जरूरत है और किन मरीज को ऑक्सीजन की बहुत जरूरत है.
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.