फाइजर के चेयरमैन और सीईओ अल्बर्ट बोर्ला ने कहा, 'हम इस बीमारी के खिलाफ भारत की लड़ाई में भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अपनी कंपनी के इतिहास में सबसे बड़ी मानवीय राहत के लिए तेजी से काम कर रहे हैं.'
इस महामारी के विरूद्ध लड़ाई के मुख्य हथियार टेस्टिंग, ट्रेसिंग और वैक्सीनेशन पर प्रदेश सरकार ने पूरा जोर दिया है. प्रदेश में रिकवरी की दर 82.3 प्रतिशत है, जो कि कई बड़े राज्यों की तुलना में कहीं ज्यादा है.
केजरीवाल ने ट्वीट में कहा, ‘सत्येंद्र दिल्ली के लोगों के लिए लगातार काम करते रहे हैं. भगवान (उनके पिता की) आत्मा को शांति दे. परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं.’
मृत्यु दर को नीचे लाने से लेकर, ऑक्सीजन तथा दवाओं के तर्कसंगत उपयोग तक, ये 11 डॉक्टर पिछले एक साल से, कोविड को मात देने की कोशिश में, महाराष्ट्र सरकार की सहायता कर रहे हैं.
दिल्ली, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, और पंजाब समेत कुछ राज्यों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त खुराक नहीं हैं जिससे वे 18 से 44 आयु वर्ग के लिये टीकाकरण अभियान शुरू कर पाएं.
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.