उत्तर प्रदेश अपने नेताओं से नाराज है— चाहे वे भाजपा के हों या सपा, बसपा या कांग्रेस के— क्योंकि लोगों को लगता है कि उनके द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों ने जरूरत के समय उन्हें छोड़ दिया है.
टीका कब लगवाएं से लेकर दूसरे डोज़ के लिए कितना इंतज़ार करें, जैसे बहुत से सवालों के जवाब दिप्रिंट आपको दे रहा है, प्रसिद्ध प्रतिरक्षाविज्ञानी डॉ गगनदीप कांग की ओर से.
शाहजहांपुर में काम कर रहे डॉक्टरों का कहना है, कि गांववासी टेस्ट कराने में झिझकते हैं, हालांकि गांव वाले इससे इनकार करते हैं. स्थानीय अधिकारी भी मानते हैं, कि टेस्ट रिपोर्ट्स देरी से आती हैं.
रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है. उन्होंने कहा कि 'मामले की जांच करने के लिए एक पैनल बना दिया गया है जिसमें मेडिकल एक्पर्ट्स भी शामिल हैं.
देश के तमाम आईएएस, आईपीएस और अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़े अधिकारियों की शिकायत है कि पूर्व में उनकी मदद करने वाला अनौपचारिक नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है.
सिविल लाइन्स कोविड केयर सेंटर से कोई 2 किमी. दूर सदर अस्पताल में 4 वेंटिलेटर्स हैं, जो पिछले साल पीएम केयर्स फंड से मिले थे. लेकिन वे अस्पताल की दूसरी मंज़िल पर एक कमरे में बंद पड़े हैं.
स्टीमिंग (भाप लेना) जो कि कोविड से लड़ने के लिए घरेलू उपचार के तौर पर काफी चलन में है, तो डॉक्टरों का कहना है कि यह बंद नाक के लिए कारगर नहीं है, बल्कि ये ठीक से न ली जाय तो श्ववसन के रास्ते और त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकती है.
जनरल एमएम नरवणे की किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' से पता चलता है कि जब चीनी टैंक भारतीय ठिकानों की ओर बढ़ रहे थे, तो उन्हें राजनीतिक नेतृत्व ने दो घंटे से ज़्यादा समय तक लटकाए रखा.