कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने आईसीएमआर के महानिदेशक को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय और उसके आसपास के वातावरण में वायरस के स्वरूपों की जांच कराने का अनुरोध किया है.
अप्रैल में कोविड संक्रमण, अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और मौतों के आंकड़े शीर्ष पर पहुंचने के बीच फैबीफ्लू देश में मल्टीविटामिन ड्रग जिंककोविट की जगह सबसे अधिक बिकने वाली दवा बन गई है.
देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या लगातार बढ़कर 37,36,648 हो गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 16.76 प्रतिशत है, जबकि संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने की दर 82.15 प्रतिशत है.
हर्षवर्धन ने कहा कि देशभर में कोविड-19 के 4,88,861 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं जबकि 1,70,841 मरीज वेंटिलेंटर पर हैं और 9,02,291 मरीज ऑक्सीजन सहायता पर हैं.
डॉक्टरों ने पाया कि लंबे समय तक स्टेरॉयड की हाई डोज पर रहने वाले कोविड मरीजों में म्यूकोर्माइकोसिस और एस्परगिलोसिस- दोनों का कारण फंगल इंफेक्शन है- जिसमें बीमारियां होने और ग्लूकोमा के कारण देखने की क्षमता खत्म होने जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं.
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि कार्यबल बनाने का उद्देश्य राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ऑक्सीजन का आवंटन के लिए कार्यप्रणाली तैयार करना है.
मंत्रालय ने बताया है कि क्लिनिकल परीक्षण में सामने आया है कि 2-डीजी दवा अस्पताल में भर्ती मरीजों के तेजी से ठीक होने में मदद करती है, अतिरिक्त ऑक्सीजन पर निर्भरता कम करती है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अब से मरीज को इस आधार पर एडमिट करने से नहीं मना किया जा सकेगा कि वह जिस शहर से है उसका वैध दस्तावेज नहीं दे पा रहा है, जहां पर अस्पताल स्थित है.
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.