इस हफ्ते के शुरू में जारी किए गए नवीनतम पीएचई आंकड़े दिखाते हैं कि B1.617.2 वैरिएंट के मामले देश भर में पिछले हफ्ते 2111 से बढ़कर 3424 पर पहुंच गए हैं.
भारत में म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस के 7,000 से अधिक मामले हो गए हैं. इस त्रासदि का कारण ग़लत जानकारी की वजह से, स्टेरॉयड्स का अंधाधुंध उपभोग हो सकता है.
मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में इस महामारी से 4,194 और लोगों के जान गंवाने से मृतकों की कुल संख्या 2,95,525 हो गई है.
बंगाल ने पिछले साल सरकारी कोविड अस्पतालों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी थी, जिससे मरीजों के संपर्क में रहना मुश्किल हो रहा है. परिजनों का कहना है कि अस्पताल के लैंडलाइन पर फोन कॉल का कोई जवाब नहीं मिलता है.
मुस्लिम समुदाय में टीके की हिचकिचाहट का आस्था से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि धार्मिक विद्वानों ने कोविड टीकाकरण अभियान का समर्थन किया है. बिहार के अधिकारी इसका श्रेय गलत सूचना और निरक्षरता को दे रहे हैं.
धनबाद में शिक्षकों की बिना किसी सुरक्षा के दाह संस्कार घाटों और कब्रिस्तान पर ड्यूटी लगा दी है और कहा है कि कोरोना से मरने वाले किसी भी व्यक्ति का शव अंतिम संस्कार स्थल आने पर उसका अंतिम संस्कार सरकारी खर्चे पर किया जाये.
डब्ल्यूएचओ ने अपनी विश्व स्वास्थ्य सांख्यिकी रिपोर्ट में कहा कि 31 दिसंबर 2020 तक दुनियाभर में आठ करोड़ 20 लाख से अधिक लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हो चुके थे और 18 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी थी.
दिप्रिंट अपनी रिपोर्ट पर कायम है. दरभंगा अस्पताल का आरोप है कि रिपोर्टर ने अधिकारियों के साथ बदसलूकी की. वहां कोई बहस या अप्रिय तर्क-वितर्क नहीं हुआ था.