शिक्षा शास्त्री में अनुसूचित जनजातियों के लिए जहाँ 7.5 आरक्षित हैं वहीँ देश कुल सीटों के लगभग 30 प्रतिशत सीटों पर अनुसूचित जनजातियों ने दाखिला कराया है
आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.