दिप्रिंट को लिखे पत्र में, मोदी ने स्वच्छता को 'राष्ट्रीय चेतना के शीर्ष पर' रखे जाने को कहा है ,जो की देश को स्वच्छ भारत के रास्ते पर आगे बढ़ने में मदद करेगा।
आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.