आईएएस और जैसलमेर की कलेक्टर टीना डाबी लगातार खबरों में बनी रहती हैं. इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर फोटो बदली हो या फिर पति के साथ घूमने गई हों या बिंदी ही क्यों न लगाई हो, पापाराजी उन्हें खबरों में बनाए रखते हैं.
क्या एक नाम किसी का भाग्य बदल सकता है? राजस्थानी दलितों को लगता है कि यह हो सकता है - उन्होंने खोई हुई गरिमा और सम्मान को फिर से पाने के लिए गरिमा भवन या हाउस ऑफ डिग्निटी की स्थापना की है.
दिप्रिंट ने मोदी नगर में दवा इकाइयों का दौरा किया, यह देखने के लिए कि उसमें क्या चल रहा है. उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की कथित तौर पर जहरीली दवा खाने से हुई मौत ने फार्मेसी की दुनिया में भारत की छवि को धूमिल किया है.
यूपीएससी वाला और स्टडीआईक्यू जैसे एडटेक प्लेटफार्मों में उछाल आया है, जो सिविल सेवा परीक्षा के लिए भारत भर में भेजे जाने वाले पेन ड्राइव में ऑनलाइन कक्षाएं और अध्ययन सामग्री प्रदान करते हैं.
अवामी लीग को अभी इस सवाल का जवाब नहीं चाहिए कि हसीना के बाद कौन होगा या यह बहस कि हसीना को बांग्लादेश लौटना चाहिए या नहीं, बल्कि ज़मीन पर नया नेतृत्व चाहिए.