हिजाब और नमाज के बारे में प्रचलित राष्ट्रीय मनोदशा और बातचीत सबसे निचले नागरिक समूहों, आरडब्ल्यूए तक फैल रही है. मुस्लिम निवासी परेशानी से बचने के लिए आत्म-सेंसर कर रहे हैं और कम प्रोफाइल और दृश्यता रख रहे हैं.
सिवराजवेल आईएएस अकादमी से लेकर ऑफिसर्स आईएएस अकादमी तक, हॉस्टल, लाइब्रेरी, कैंटीन और स्टडी हॉल. अन्ना नगर पिछले 10 साल में एक बड़े यूपीएससी कोचिंग हब की तरह विकसित हुआ है.
पढ़ाई और नौकरी में प्रतिभाशाली महिलाओं को बच्चे को जन्म देने के बाद घर पर बैठने के लिए मजबूर किया जाता है. इसलिए चेन्नई की 30-वर्षीया महिला संकरी ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जो ‘मातृत्व दंड’ भुगतने वालीं महिलाओं को नौकरी देता है.
हैदराबाद स्थित सॉफ्टवेयर इंजीनियर खालिद सैफुल्लाह एक व्यक्ति के तकनीकी अभियान पर हैं. उन्होंने मोदी के भारत में मुसलमानों के लिए ‘एनआरसी को हराओ’ से लेकर ‘लापता मतदाताओं’ तक ऐप्स का एक शस्त्रागार बनाया है.
मुखर्जी नगर और करोल बाग की हर गली में एक कोचिंग संस्थान होने से दिल्ली सिकुड़ती जा रही है और अब संस्थान हर राज्य की राजधानी में एक मुखर्जी नगर बनाना चाहते हैं.
कृषि ड्रोन के उपयोग में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की 15,000 महिलाओं को ट्रेनिंग देने के लिए पिछले साल 15 अगस्त को पीएम मोदी ने ‘नमो ड्रोन दीदी स्कीम’ की घोषणा की थी.
दिल्ली की सुंदर नर्सरी में चार दिवसीय उत्सव के एक हिस्से में ‘दास्तान-ए-रामायण: उर्दू में रामलीला’ का प्रदर्शन किया गया. इसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों आयोजक हैं जो उर्दू नहीं जानते.
पेपर लीक और स्थगित परीक्षाओं ने कई सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को मुश्किल में डाल दिया है. अब एक नया नकल-विरोधी कानून आया है, लेकिन निष्पक्ष परीक्षा पास करना अब भी नौकरी की गारंटी नहीं है.
तमिलनाडु का HR&CE विभाग इस लड़ाई में सबसे आगे है. उन्हें मंदिरों को जातिवादी कुप्रथा से बचाने का श्रेय दिया जाता है, लेकिन उन पर मंदिरों के कुप्रबंधन और पुजारियों को उनके अधिकारों से वंचित करने का भी आरोप है.
रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.