बेलगावी कित्तूर-कर्नाटक का संभागीय मुख्यालय है, जहां लिंगायत समुदाय संभवतः सबसे प्रभावशाली हैं. समुदाय के लोगों का कहना है कि मतदान से पहले उनके पास विचार-विमर्श करने के लिए बहुत कुछ है.
कर्नाटक की 58 सीटों के मतदाताओं ने 2008, 2013 और 2018 में एक ही पार्टी को चुना. इनमें से 25 सीटें कांग्रेस के पास हैं, 23 बीजेपी के पास हैं और 10 जद (एस) के खाते में हैं.
अब बड़े बिलबोर्डस् लगे दिखाई नहीं देते. ना ही दीवारों पर चुनावी इश्तहार लिखे हैं. इधर-उधर चंद फ्लेक्स लगे जरूर नजर आ जायेंगे लेकिन चुनाव-प्रचार करती हुई कोई गाड़ी शायद ही देखने को मिले. कर्नाटक चुनाव मानो एकदम से भूमिगत हो चला है.
राहुल गांधी ने बेंगलुरु के एक होटल में इन वर्कर्स को कांग्रेस की उनके लिए 3,000 करोड़ रुपये कोष का वेलफेयर बोर्ड बनाने और असंगठित क्षेत्र के गिग श्रमिकों और अन्य श्रमिकों के लिए प्रति घंटा न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने की बात बताई.
अडाणी-मोदी के रिश्ते पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा नेहरू जी ने बेंगलुरु का हवाई अड्डा और इंदिरा जी ने न्यू मंगलुरु पोर्ट बनवाया था, लेकिन वो भी मोदी जी ने अपने उद्योगपति मित्र को दे दिए.
10 मई को होने वाली वोटिंग में, भारतीय जनता पार्टी उत्तर कर्नाटक के अपने पारंपरिक गढ़ में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है. लेकिन पार्टी का ध्यान दक्षिण कर्नाटक पर है, जो वोक्कालिगा बेल्ट के नाम से मशहूर है.
जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.