चीनी सरकार का सर्वेक्षण जहाज़ जिसपर आरोप है, कि पिछले सप्ताह अपनी स्थिति से सूचित किए बिना, वो संदिग्ध रूप से डेटा एकत्र कर रहा था, जिसका इस्तेमाल नागरिक और सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है.
भारत के रिफ्यूलर बेड़े में मौजूदा समय में छह रूसी इल्यूसिन-78 टैंकर शामिल हैं, जिन्हें पहली बार 2003 में शामिल किया गया था और अब रखरखाव और सर्विसिंग क्षमता में समस्याओं का सामना कर रहे हैं.
1983 में भारत ने रूसी मिग-21, जो चलन से बाहर होने के बावजूद अब तक उड़ान भर रहे हैं, की जगह लेने के लिए एक नए हल्के लड़ाकू विमानों के निर्माण की परियोजना शुरू की थी.
सेना दिवस पर सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने चीन को स्पष्ट संदेश देते हुए शुक्रवार को कहा कि किसी को भारतीय सेना के धैर्य की परीक्षा लेने की गलती नहीं करनी चाहिए,
रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, मंत्रिमंडल ने हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से भारतीय वायु सेना के लिये 83 तेजस विमान खरीदने को मंजूरी प्रदान कर दी.
सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे का कहना है कि मुद्रीकरण की योजना बजटीय बाधाओं को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है, और इस क्षेत्र में तेजी आने के बाद इसे फिर शुरू किया जाएगा.
चीन के इस कदम को डी-एस्केलेशन के रूप में नहीं देखा जा सकता है. क्योंकि गतिरोध के दौरान भारत ने भी एलएसी पर सैनिक भेजे थे जिसे पहले ही वापस बुला लिया गया है.
हिरासत में लिए गए चीनी सैनिक के साथ बॉर्डर मैनेजमेंट संबंधी प्रक्रियाओं के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है और इस बात की जांच की जा रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में वह भारतीय सीमा में घुसा था.
फ्रांसीसी फर्म दसॉल्ट ने ऑर्डर की संख्या के आधार पर भारत में राफेल विमान के निर्माण पर अपनी नजरें टिका रखी हैं. लेकिन भारत इस पर कोई भी फैसला पहले 36 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति होने के बाद ही करेगा.
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.