Monday, 27 June, 2022
होमडिफेंसराजनाथ की चीन को चेतावनी, बोले-'भारत पहल नहीं करेगा लेकिन जो हमें छेड़ेगा हम उसे छोड़ेंगे भी नहीं'

राजनाथ की चीन को चेतावनी, बोले-‘भारत पहल नहीं करेगा लेकिन जो हमें छेड़ेगा हम उसे छोड़ेंगे भी नहीं’

'भारत और चीन के बीच जो गतिरोध चल रहा है उसे दूर करने के लिए बातचीत चल रही थी लेकिन उसमें अभी तक कोई कामयाबी नहीं मिली है अभी तक यथास्थिति बनी हुई है.'

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नई दिल्ली: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत शुरुआत नहीं करेगा लेकिन ‘जो हमें छेड़ेगा उसे हम छोड़ेंगे नहीं.’ 2020 में जो बॉर्डर पर हुआ क्या वो चीन-पाक की मिलीभगत थी.

चीन द्वारा दूसरे देशों के बॉर्डर पर जमीन हथियाने और कब्जा करने के एक सवाल पर रक्षामंत्री ने कहा कि यदि कोई देश विस्तारवादी है और भारत की भूमि पर कब्जा करने की कोशिश करता है तो भारत के अंदर वो ताकत है कि वो अपनी ज़मीन किसी दूसरे के हाथ में नहीं जाने देगा.

‘भारत और चीन के बीच जो गतिरोध चल रहा है उसे दूर करने के लिए बातचीत चल रही थी लेकिन उसमें अभी तक कोई कामयाबी नहीं मिली है अभी तक यथास्थिति बनी हुई है.’ उन्होंने कहा अगले राउंड की भी बैठक होगी उसमें मिलिट्री लेवल पर बातचीत होगी.

रक्षी मंत्री राजनाथ सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए अपने एक इंटरव्यू में ये बातें कहीं.

सिंह ने कहा, ‘भारत और चीन के बीच मई की शुरुआत से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गतिरोध जारी है. दोनों पक्षों के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिखा है और भारतीय सेना पूर्वी लद्दाख में अब भी पोजीशन में हैं.’

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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एलएसी पर गतिरोध को हल करने के लिए चीन के साथ कूटनीतिक और सैन्य स्तर की वार्ता से कोई ‘सार्थक समाधान’ नहीं निकला है और बॉर्डर पर अब भी यथास्थिति बनी हुई है.

उन्होंने कहा, ‘अगर यथास्थिति बनी रहती है, तो सैनिकों की तैनाती में कमी नहीं की जा सकती. उन्होंने भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय कार्यतंत्र की कार्य प्रणाली का भी जिक्र किया, जिसकी बैठक इस महीने की शुरुआत में हुई थी.


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इस मामले में हॉटलाइन संदेशों का आदान-प्रदान किया गया है. सिंह ने चीन गतिरोध और मुद्दों पर बातचीत के बारे में कहा, ‘किन मुद्दों पर बातचीत होगी, इसके लिए दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है.’

बता दें कि डब्ल्यूएमसीसी की 18 दिसंबर को हुई बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य स्तर पर करीबी परामर्श बनाए रखने पर सहमत हुए हैं.

राजनाथ ने यह भी कहा कि भारत-चीन के बीच लंबे समय से सीमा को लेकर विवाद चल रहा है, अच्छा होता ये पहले ही खत्म होते. अगर ये खत्म हो गया होता, तो आज ये स्थिति नहीं बनी होती. चीन सीमा पर लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर खड़े कर रहा है, लेकिन भारत भी अपनी सेना और नागरिकों के लिए काम कर रहा है.

कुछ महीने में 300-400 बार सीज फायर का उल्लंघन

भारत के चीन और पाकिस्तान के साथ रिश्तों पर सिंह ने इस इंटरव्यू में अपनी बात रखी. पाकिस्तान से आतंक को बढ़ावा देने के मामले में सिंह ने कहा,अगर जरूरत पड़ी तो भारत में आतंकी ठिकानों पर मार करने की क्षमता है, पाकिस्तान आजादी के बाद से ही भारत से ही सीमा पर कुख्यात कार्रवाई कर रहा है.

सिंह ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में ही पाकिस्तान ने 300-400 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है लेकिन हमारी सेना ने उन्हें बखूबी जबाव भी दिया है. उन्होंने कहा, ‘ पाकिस्तान अस्तित्व आने के बाद से ही सीमा पर कुख्यात कार्रवाइयों में लिप्त रहा है. ‘


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