Monday, 24 January, 2022
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सौ साल के सत्यजीत रे, बिना शब्दों के सिर्फ दृश्यों से सब कुछ कह देने वाले फिल्मकार

सत्यजीत रे कम शब्दों में बात कहते हैं,क्योंकि सिनेमा में आने से पहले से ही बहुआयामी कलाकार थे, चित्रकार, लेखक, इलस्ट्रेटर, संगीतकार. तो इतनी समग्रता में कलाएं खिलकर उनके सिनेमा में आती हैं कि सुखद हैरानियों का सिलसिला बन जाता है.

किशोर दा, पंचम, संजीव कुमार- ये तीनों अपने काम को लेकर जुनूनी थे: गुलजार

'ऑफ द कफ' कार्यक्रम में शेखर गुप्ता के साथ बातचीत में गुलजार ने अपने जीवन और काम पर पड़े बंगाली प्रभाव के बारे में बातें की और बताया कि मनोरंजन जगत के सितारों के साथ उनकी गुफ्तगू ने कैसे उनके लेखन को आकार दिया.

लता मंगेशकर ने याद किया दशकों पहले शुरू हुआ गायकी का सफर, कहा- वह छोटी बच्ची आज भी मुझमें जिन्दा है

लता मंगेशकर 'मुझे नहीं पता लोग जानते हैं या नहीं, लेकिन मुझे संगीत की दक्षिण भारतीय शैली पसंद है. मुझे बांग्ला संगीत और वे बंगाली गाने पसंद हैं जो मैंने गाए हैं. हिंदी संगीत भी है, गुजराती भी है. मैंने सभी भाषाओं में गाया है.'

‘मान्यवर क्षमा प्रार्थी हूं,’ ट्रोलिंग के बाद संभले अमिताभ बच्चन, ‘कमला पसंद’ के एड से हुए अलग, पैसे भी लौटाए

महानायक अमिताभ बच्चन का आज जन्मदिन है वह 79 साल के हो गए हैं. कमला पसंद पान मसाला का प्रचार कर बुरी तरह ट्रोल हुए अमिताभ बच्चन ने अपने बर्थ डे के दिन उस विज्ञापन से खुद को अलग कर लिया.

‘ए मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया’- कैसे बेगम अख्तर ने अपनी गायकी से दिल्ली को मदहोश किया था

बेगम अख्तर ने एक बार कहा था, 'मियां, हम सुरीले हिन्दुस्तान से आए हैं. हम ऐसे ही मिल-जुल कर रहते हैं. हम होली भी मनाते हैं, और ईद भी. हम कान्हा के भजन भी साथ गाते हैं और नातिया कव्वाली भी.'

माणिकचंद्र वाजपेयी: आरएसएस जिन्हें पत्रकारिता का आदर्श पुरुष मानता है

वाजपेयी को संघ में 'मामाजी' के नाम से जाना जाता है. वे संघ के उन चुनिंदा प्रचारकों में से हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन पत्रकारिता को दे दिया.

पूर्व सांसद और रामायण में रावण की भूमिका निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी का निधन

रामानंद सागर निर्देशित रामायण भारत के सबसे लोकप्रिय कार्यक्रमों में से एक है. इस पौराणिक कार्यक्रम में रावण के किरदार में अरविंद त्रिवेदी की भूमिका को काफी सराहा गया.

‘अन सोशल नेटवर्क’: क्यों सोशल मीडिया को अब संदेह भरी निगाहों से देखा जाने लगा है

सोशल मीडिया जिन आकांक्षाओं, उम्मीदों, संवाद को विस्तार और उसे अधिक लोकतांत्रिक बनाने के लक्ष्य से हमारे बीच आया अब वही नज़रिया एकदम बदलता नज़र आ रहा है.  

आजादी के बाद 7 दशकों में डाक टिकट पर कैसे नज़र आए बापू

अस्सी के दशक तक गांधी की डाक यात्रा में कस्तूरबा के अलावा जवाहरलाल नेहरू ही दिखे. लेकिन 2015 से गांधी की लम्बी डाक यात्रा में एक नया अध्याय बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और स्वच्छ भारत अभियान को जोड़ा गया.

सरोद वादक अमजद अली खान बोले, मेरा ‘पहला प्यार तबला’ था

खान ने कहा, सुर और ताल की अपनी दुनिया है. स्वाभाविक रूप से लोग सुर की दुनिया में अधिक व्यस्त हैं. भगवान का शुक्र है कि मैं ताल की दुनिया में रहता हूं क्योंकि ताल के माध्यम से मैं हेरफेर नहीं कर सकता.

मत-विमत

उत्तर प्रदेश में सियासी जमीन तलाशती मायावती की चुनावी रणनीतियां

इस चुनाव में प्रभावी तरीके से जोर अजमाइश के लिए तथा ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के लिए मायावती ने अभी तक यूपी के सभी जिलों में ‘प्रबुद्ध सम्मेलन’ कर चुकी हैं.

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दीव: सेल्फी लेने के दौरान समुद्र में डूबा पर्यटक

दीव, 24 जनवरी (भाषा) केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के दीव जिले में समुद्र तट के निकट एक चट्टान...

लास्ट लाफ

दलित के घर खाने का तमाशा और जोकोविच नेट पर अकेले खड़े हैं

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सबसे अच्छे कार्टून्स.