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Wednesday, 22 April, 2026
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वादों की पड़ताल: मोदी सरकार में चारों खाने चित हुआ सामाजिक न्याय

जब सामाजिक न्याय की बात होती है, तो इसका मतलब मुख्य रूप से अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्गों और फिजिकली चैलेंज्ड लोगों के हित...

क्यों 2019 का लोकसभा चुनाव, भाजपा के लिए 2004 जैसा नहीं होने वाला

मोदी इस बार के लोकसभा चुनाव में अपने विपक्षियों की तरह चौकन्ने हैं. और वो 2004 में पार्टी द्वारा का गई गलतियों को दोहराने के मूड में नहीं है.

आंबेडकर ने ज्योतिबा फुले को अपना गुरु क्यों माना?

डॉ. आंबेडकर के तीसरे गुरु और शूद्रों-अतिशूद्रों, महिलाओं और किसानों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले ज्योतिबा फुले ने देखा था सामाजिक लोकतंत्र का सपना.

न किसी यादव सम्मेलन में गया, न भूराबाल साफ करो कहा- लालू यादव

लालू यादव भारतीय लोकतंत्र का चमत्कार भी हैं और एक पहेली भी. उनके जीवन को समझिए खुद उनके नजरिए से, क्योंकि उन्होंने पहली बार अपनी आत्मकथा लिखी है

शरद पवार के निशाने पर कौन? केसरिया गठबंधन या कांग्रेस

पवार महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य माने जाते हैं. जब केंद्र की राजनीति में थे तब उन्होंने चंद्रगुप्त बनने की कोशिश की मगर दूसरे चाणक्य नरसिंहा राव ने उनकी दाल नहीं गलने दी.

यूपी विधानसभा चुनाव के समय कैसे कंगाल हो गई थी बीएसपी

देश इस समय लोकसभा चुनाव के दौर में है. ऐसे समय में राजनीतिक दल, मीडिया और चुनाव आयोग के साथ ही इनफोर्समेंट डायरेक्टरेट यानी...

चमार रेजिमेंट को फिर से बहाल करना एक न्यायसंगत मांग

अंग्रेजों के समय में जाति और समुदायों के नाम पर बनी तमाम रेजिमेंट भारतीय सेना में अभी भी मौजूद हैं. लेकिन चमार रेजिमेंट को भंग कर दिया गया था. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी चमार रेजिमेंट को बहाल करने की मांग की है.

कमलनाथ के बाद अब पुत्र नकुल छिंदवाड़ा से देंगे आरएसएस को चुनौती

2019 लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की राजनीति एक ऐसे मोड़ पर है जब एक पीढ़ी अपनी विरासत दूसरी पीढ़ी को सौंपने जा रही है.

इस चुनाव में बहुत से लोग एक कमज़ोर मोदी की कामना कर रहे हैं

भारत 2014 में एक मज़बूत नेता चाहता था. वह कुछ ज़्यादा ही मज़बूत निकला, तो अब 2019 में उसे एक कमज़ोर नेता चाहिए.

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अमेरिका अब तक ईरान को क्यों नहीं हरा पाया? क्योंकि ट्रंप कम खर्च में जीत हासिल करना चाहते हैं

ट्रंप का ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने का लक्ष्य, ईरान में इस्लामी शासन को गिराए बिना पूरा नहीं किया जा सकता, और यह काम ज़मीनी सैन्य आक्रमण (ग्राउंड इनवेज़न) के बिना संभव नहीं लगता.

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अलीगढ़ में निर्माणाधीन घर में मिला कारोबारी का शव, दो लोग हिरासत में लिये गये

अलीगढ़ (उप्र), 21 अप्रैल (भाषा) अलीगढ़ जिले के क्वार्सी क्षेत्र में मंगलवार शाम को एक गांव में एक निर्माणाधीन घर से एक स्थानीय...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.