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Friday, 20 March, 2026
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2019 लोकसभा चुनाव

मोदी के मंत्रिमंडल में इस बार 6 महिलाएं शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए मंत्रिमंडल में जिन मंत्रियों ने गुरुवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली उनमें छह महिलाएं शामिल हैं.

24-24 कैबिनेट और राज्य 9 को मिला स्वतंत्र प्रभार, ऐसी है पीएम मोदी की कैबिनेट-2

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में मोदी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई. कार्यक्रम में 58 मंत्रियों ने शपथ ली जिसमें नए चेहरे शामिल हुए.

भाजपा की सफलता का मार्ग प्रशस्त करने वाले शख्स नितिन गडकरी

मोदी के पहले कार्यकाल में गडकरी ने काफी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई और सड़क परिवहन, जहाजरानी व अन्य मंत्रालयों में उन्होंने अमिट छाप छोड़ी. 

पीयूष गोयल : मोदी कैबिनेट का वो चेहरा जिसके पास है हर मुसीबत की चाभी

गोयल मोदी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाते हैं. वित्तीय मामलों में उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए उनको उनकी रुचि के अनुसार विभाग मिल सकता है. 

मेनका गांधी हो सकती हैं प्रो- टेम स्पीकर, वरुण गांधी को मोदी कैबिनेट नहीं मिली जगह

वरुण गांधी के लिए सर्वविदित है कि उनके पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ अच्छे तालमेल नहीं हैं.

जानें किस राज्य को नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में क्या मिला

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अकेले 303 सीटें मिली हैं. इस बार एनडीए को कुल 353 सीटें मिली हैं.

झोपड़ी में रहने वाले सारंगी जो धन्नासेठों को हराकर बने मंत्री

आज मोदी मंत्रिमंडल में शपथ लेते समय मोदी, शाह और ईरानी के अलावा अगर किसी व्यक्ति ने ताली बटोरी तो वो थे एक दुबले पतले सफेद बाल और दाड़ी वाले व्यक्ति ने.

मोदी कैबिनेट में फिर आपराधिक मामलों से घिरे सांसद हुए शामिल

2014 के लोकसभा चुनाव में 185 सांसदों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे. तो 2009 के लोकसभा चुनाव में 160 उम्मीदवारों पर.

मोदी कैबिनेट-2 में यूपी के इन सांसदों को मिली जगह, कई चेहरे जीतकर भी चूक गए

प्नधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कैबिनेट मंत्रियों ने भी शपथ ली. इस दौरान यूपी से बने सांसदों ने भी शपथ ली. हालांकि कई बड़े चेहरों को कैबिनेट में जगह नहीं मिली.

अमेठी से सांसद स्मृति ईरानी मोदी कैबिनेट-2 में किस मंत्रालय में छोड़ेंगी अपनी छाप

स्मृति शपथ लेने के लिए जब पहुंची तब उन्होंने मेहमानों की सबसे अधिक तालियां बटोरी. ईरानी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को उनकी पुश्तैनी सीट अमेठी से हराकर सदन में पहुंची है. 

मत-विमत

BJP का राहुल गांधी पर लगातार हमला डर नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति है

अगर राहुल गांधी इतने ही बेकार हैं कि वे इस सरकार के लिए एक 'एसेट' और विपक्ष के लिए एक 'लायबिलिटी' की तरह काम करते हैं, तो फिर सरकार उन्हें ख़बरों में बनाए रखने के लिए इतनी ज़ोर-शोर से कोशिश क्यों कर रही है?

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नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बृहस्पतिवार को विभिन्न एयरलाइन को क्षेत्र के...

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