मनमोहन सिंह सरकार के दौरान हुई सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना में भी जाति का सवाल खुला रखा गया था, ड्रॉप-डाउन मेन्यू नहीं दिया गया था. इस कवायद में जाति, उप-जाति और गोत्र के 46.7 लाख नाम सामने आए थे, जिससे उनका वर्गीकरण करना लगभग असंभव हो गया था.
नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) ने मंगलवार को पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे पर एक...