अदालत के आदेश में कहा गया है कि चोकसी राजनीतिक पूर्वाग्रह, भारतीय न्यायपालिका में स्वतंत्रता की कमी और भारतीय जेलों में यातना के अपने दावों को साबित नहीं कर सका. चोकसी अभी भी बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट में प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील कर सकता है.
तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.