कांग्रेस के लिए कठिन मानी जा रही भोपाल सीट से प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को मैदान में उतारा है. क्या सिंह भोपाल की नैय्या पार लगा पाएंगे.
सपना ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा,' मेरी कांग्रेस में जाने की कोई इच्छा नहीं है. मैं कांग्रेस के लिए प्रचार नहीं करूंगी और मेरी राज बब्बर से भी कोई मुलाकात नहीं हुई है.
जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.