लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर सत्ताधारी बीजेपी ने जहां देशभर में चुनावी अभियान शुरू कर दिया है. वहीं हाशिये पर पड़ी कांग्रेस गठबंधन की राजनीति में उलझी हुई है.
दरभंगा और मधुबनी को लेकर पेंच फंसा हुआ है. राजद दरभंगा से जहां अली अशरफ फातमी को लड़ाना चाहता है, वहीं कांग्रेस मौजूदा सांसद कीर्ति आजाद को उतारना चाहती है.
जब पर्रिकर ईलाज के लिए दिल्ली के एम्स में भर्ती हुए तब भी गोवा असेंबली का काम धाम प्रमोद सावंत के कंधों पर ही आ गया था. 2018 से ही वह इस पद के दावेदार थे.
योगेंद्र यादव ने ये भी कहा कि आय दोगुनी करने के मामले में आप सरकार से एक आंकड़ा पूछ लीजिए. पूछिए कि 6 साल में दोगुना करने वाले थे तो 3 साल में कितना बढ़ाया.
बीजेपी के मुख्यमंत्रियों में क्या गलत हो गया है? कई मुख्यमंत्रियों की ढीली-ढाली सरकार इस सोच से निकलती है कि चुनावी जीत तीन ‘एम’ की वजह से मिली—मोदी, बहुसंख्यकवाद और पैसा.
नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) ‘कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना’ (सीपीसी) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यालय...