इस बार चुनाव लड़ रहा जो भी प्रत्याशी उनसे वोट मांगने आएगा वे सभी उसे घोषणापत्र दिखाएंगी और जब उनकी मांगें पूरी होने का आश्वासन मिलेगा तभी वोट दिया जाएगा.
अपने जबर्दस्त शक्ति प्रदशर्न के बाद गुरुवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी सीट से नामांकन दाखिल किया. इस दौरान कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए के वरिष्ठ नेता पहुंचे.
राजद के एक नेता ने बताया कि मंच पर क्षमता से अधिक लोग पहुंच गए, जिस कारण मंच टूट गया. मंच टूटने के बाद वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जिसे बाद में पुलिस ने सामान्य बनाया.
साध्वी लगातार कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह पर हमले कर रही हैं. हाल ही में प्रज्ञा ने शहीद एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे की शहादत को लेकर विवादित बयान था.
एस नेगी ने 1952 के आम चुनावों में वोट डाला था और तब से लेकर आजतक उन्होंने कोई भी चुनाव नहीं छोड़ा है. चाहे वो लोकसभा हो विधानसभा हो या फिर पंचायत का चुनाव.
यह जरूरी नहीं है कि यादव या आजाद नरेंद्र मोदी के लिए बड़ी चुनौती साबित होते. लेकिन उनके टक्कर में होने से बीजेपी का राष्ट्रवाद या दलित प्रेम का दावा कमजोर होता.
CAPF में हर स्तर पर पहले से ही पदोन्नति की रुकावट रहती है. ऐसे में अगर सबसे ऊपर का पद बाहर से आए किसी आईपीएस अधिकारी को दे दिया जाए, तो नीचे के अफसरों की तरक्की लगभग रुक जाती है.