भाजपा अपनी तरफ़ से शाहीन बाग़ और जामिया से लेकर सीएए तक को मुद्दा बनाने की कोशिश करती रह गई लेकिन आप ने बिजली-पानी, स्कूल-स्वास्थ्य और मुफ्त की चीज़ों को अपना मुद्दा बनाए रखा.
इस बार भी नई दिल्ली सीट केजरीवाल के लिए लकी साबित हुई.उन्होंने अपनी सीट पर ध्यान देने के बजाए पार्टी के लिए अन्य सीटों पर प्रचार किया.उनके लिए उनके परिवार ने वोट मांगे.
दिल्ली में 12 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं. दिल्ली विधानसभा की कुल 70 सीटों में से 8 सीटें मुस्लिम बाहुल्य हैं. इनमें से मुख्य सीटें हैं- ओखला, सीलमपुर, मटिया महल, चांदनी चौक, मुस्तफाबाद और बल्लीमारान.
दिल्ली चुनाव की 70 सीटों के लिए जारी मतगणना के बीच आप और भाजपा अपनी-अपनी जीत के दावे कर रही हैं. वहीं शून्य पर चल रही कांग्रेस पार्टी भाजपा की हार से ही खुश होती दिख रही है.
आम आदमी पार्टी 41, भाजपा 22 और कांग्रेस 0 सीट पर आगे चल रही है. आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता का कहना है कि दिल्ली के लोगों ने केजरीवाल मॉडल को स्वीकारा है.
पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.