ये सिर्फ मोदी सरकार के तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन ही नहीं है, जिसने पार्टी का खेल बिगाड़ दिया है. जमीनी स्तर पर लोग खट्टर को शासन में अप्रभावी मानते हैं.
विधानसभा चुनाव से कुछ माह पहले उत्तर प्रदेश में इन दो प्रमुख ब्राह्मण चेहरों के कांग्रेस छोड़ने और अन्य कई नेताओं के बाहर जाने से कांग्रेस पार्टी अब अपनी किलेबंदी मजबूत करने में जुट गई है. वाद्रा ने उत्तर प्रदेश के दौरों की रफ्तार भी बढ़ा दी है.
सिंह से मिलने के बाद डोभाल गृह मंत्री अमित शाह के आवास गए और उनसे मुलाकात की. दोनों के बीच करीब दो घंटे तक मुलाकात चली और इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.
केजरीवाल ने कहा कि मौजूदा सरकारी अस्पतालों की स्थिति में सुधार किया जाएगा और नए बड़े चिकित्सा केंद्र खोले जाएंगे. सड़क दुर्घटना के पीड़ितों का इलाज भी निशुल्क किया जाएगा.