2022 चुनावों से पहले, कांग्रेस ने पंजाब के नए सीएम के तौर पर, दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी का चयन किया है. दिप्रिंट एक नज़र डालता है भारत के पिछले दलित मुख्यमंत्रियों पर.
शपथ ग्रहण करने के बाद अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में चरणजीत सिंह चन्नी से किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा, केंद्र सरकार को केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करना चाहिए. उन्होंने कैप्टन अमरिंदर को भी याद किया.
कोल्हापुर जाने के लिए रविवार रात मुंबई में महालक्ष्मी एक्सप्रेस में सवार हुए सोमैया ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा, पुलिस ने मुझे कराड में निषेधाज्ञा के तहत रोका.
राज्य के किसान इनेलो से अलग हुए एक धड़े से बनी जेजेपी से नाराज चल रहे हैं, क्योंकि उसने कृषि कानूनों पर उनके आंदोलन के बावजूद सत्तारूढ़ भाजपा के साथ अपना गठबंधन जारी रखा है.
चन्नी पंजाब में मुख्यमंत्री बनने वाले दलित समुदाय के पहले व्यक्ति हैं. उनके साथ सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओम प्रकाश सोनी ने मंत्री पद की शपथ ली जो राज्य के उप मुख्यमंत्री हो सकते हैं. रंधावा जट सिख और सोनी हिंदू समुदाय से आते हैं.
नए गठजोड़ को अब यूनाइटेड डेमोक्रेटिक एलायंस कहा जाएगा और इस नए नाम को पीडीए, भाजपा और पूर्व में विपक्षी दल रहे नागा पीपुल्स फ्रंट के विधायकों की तरफ से अनुमोदित कर दिया गया है.
रजा ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने सदैव उत्तर प्रदेश में पुलिस को अपमानित और प्रताड़ित किया, जिनको जेल में होना चाहिए उनकी खिदमतगारी और सुरक्षा में पुलिस को खड़ा किया गया.
यह घटना एक असहज लेकिन संवैधानिक रूप से सामान्य बात को सामने लाती है: जम्मू-कश्मीर में हिंदू अल्पसंख्यक हैं. उनकी सुरक्षा क्षेत्रीय है, न कि "सभ्यतागत."