राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता ने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनावों से पहले, उनकी पार्टी के प्रमुख शरद पवार का नाम एक बैंक मामले में घसीटा गया था.
इससे पहले, सिद्धू ने मंगलवार को भी चेतावनी दी थी कि यदि किसानों की हत्या के सिलसिले में केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो कांग्रेस की पंजाब इकाई उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के लिए कूच करेगी.
भाजपा की 80 सदस्यीय घोषित कार्यकारिणी में मुरली मनोहर जोशी, आडवाणी समेत नेताओं का नाम है लेकिन भाजपा सांसद वरुण गांधी और मेनका गांधी का नाम इसमें नहीं शामिल है.
पीलीभीत के भाजपा सांसद गांधी ने एक वीडियो ट्वीट किया और कहा- 'वीडियो बिल्कुल स्पष्ट है. प्रदर्शनकारियों को हत्या के माध्यम से चुप नहीं कराया जा सकता है. निर्दोष किसानों का खून बहा है, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए. अहंकार और क्रूरता का संदेश हर किसान के दिमाग में प्रवेश करे उससे पहले न्याय दिया जाना चाहिए.'
अजय कुमार मिश्रा साल 2000 के एक हत्या मामले में बरी हुए थे, लेकिन उसके खिलाफ अपील हाईकोर्ट में लंबित है. अब उनके बेटे को लखीमपुक खीरी केस एफआईआर में हत्या का अभियुक्त बनाया गया है.
कांग्रेस प्रवक्ता सापरा ने देश के मौजूदा हालात पर बड़ी संख्या में लोगों की चुप्पी पर चिंता जताई. उन्होंने लखीमपुर खीरी घटना के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को तत्काल बर्खास्त करने की, उनके बेटे आशीष मिश्रा को गिरफ्तार करने की और गुजरात के एक बंदरगाह पर बड़ी मात्रा में हेरोइन जब्त होने के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्री की ओर से उनके सवालों का जवाब नहीं दिया जाता तो वे उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ कानूनी कदम उठा सकते हैं. दोनों नेताओं के मुताबिक, उन्होंने इस पत्र की एक प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय को भी भेजी है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने संवाददाताओं से कहा कि वह 15-16 साल की उम्र से ही आरएसएस एवं उसकी विचारधारा के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं और गुलबर्गा सीट से 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी हार के कारणों में एक यह भी था.
रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.