ठाकरे गुट ने यह भी आरोप लगाया कि आयोग ने चुनाव चिन्ह और पार्टी के नामों को वरीयता देते हुए अपने पत्र को चुनाव प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया था, जिससे यह प्रतिद्वंद्वी गुट सहित सभी के लिए उपलब्ध हो गया.
गोपाल इटालिया ने ट्वीट किया है है, 'बीजेपी पाटीदार समाज से नफरत करती है. मैं सरदार पटेल का वंशज हूं. तुम्हारी जेलों से नहीं डरता. डाल दो मुझे जेल में.'
पूर्व चुनाव रणनीतिकार ने पहले स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना और फिर उनसे अपने बीच से 'सही नेता' चुनने के लिए कहा. कुछ लोग उन्हें नहीं जानते थे, लेकिन उन्होंने माना कि उनके भाषण 'समझ में आ रहे हैं.'
इस महीने की शुरुआत में हुई पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक के दौरान इस मामले पर विस्तार से चर्चा हुई. भाजपा की योजना 'सूक्ष्म-स्तरीय समन्वय' को बढ़ाने और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंचने की है.
राजेंद्र पाल गौतम ने भाजपा पर अंबेडकर से जुड़े ‘नियमित’ कार्यक्रम को लेकर 'गंदी राजनीति' करने का आरोप लगाया और कहा कि गुजरात चुनाव जीतना अब आप की सबसे बड़ी चुनौती है.
लालू या तेजस्वी को पार्टी के नाम बदलने पर अंतिम फैसला लेने के अधिकार देने वाले प्रस्ताव को संभावित विलय के लिए मंच तैयार करने के रूप में देखा जा रहा है, जहां तेजस्वी बिहार में बागडोर संभालेंगे जबकि मुख्यमंत्री नीतीश राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका निभाने के लिए आगे आएंगे.
2 अक्टूबर से शुरू की गई प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज यात्रा’ का उद्देश्य पूरे बिहार को कवर करना है. उनका कहना है कि वह वोट की तलाश में नहीं हैं, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं को समझने और हल करने के लिए खड़े हो रहे हैं.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने अब तक विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 12 बैठकें की हैं और पांच अन्य की तैयारी है. साथ ही, दिल्ली स्थित एक नियंत्रण कक्ष से संचालित अभियान के तहत उन सभी से संपर्क साधा जा रहा है जो 17 अक्टूबर को मतदान करेंगे.
यह धड़ा अगर अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट के लिए तीन नवंबर को होने वाले उपचुनाव में उतरने का फैसला करता है तो वह ‘दो तलवार और एक ढाल’ चुनाव चिह्न का उपयोग कर सकेगा.
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.