पदमपुर में बीजेडी 38,252 वोटों से आगे चल रही है. अगर यही रुझान बना रहा तो, यह जीत उस पार्टी के लिए राहत के रूप में आएगी, जिसने पिछले महीने 2009 के बाद पहली बार उपचुनाव में हार का सामना किया था, तब बीजेपी ने धामनगर में जीत हासिल की थी.
आकाश सक्सेना ने सपा प्रत्याशी आसिम रजा को 33,702 वोटों से हराया है. सक्सेना को 80,964 वोट मिले हैं जबकि सपा प्रत्याशी आसिम रजा को 47,262 वोट प्राप्त हुए हैं.
कभी राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले ठाकोर और पटेल ने भाजपा के टिकट पर गुजरात का यह विधानसभा चुनाव लड़ा था, वहीं मेवाणी, जो साल 2017 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीते थे, अब कांग्रेस के साथ हैं.
मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में सपा उम्मीदवार डिंपल यादव की जीत लगभग तय होने के बाद सैफई पहुंचे अखिलेश ने शिवपाल को सपा का झंडा प्रदान किया. सपा और शिवपाल ने ट्विटर हैंडल पर तस्वीर साझा की.
हिमाचल प्रदेश के निवर्तमान सीएम जयराम ठाकुर ने विधानसभा चुनाव में मिली हार को स्वीकार किया है. कांग्रेस का कहना है कि राज्य में हमारी सरकार बनेगी वह बनती दिखाई दे रही है.
ऊंझा और मानसा क्रमशः पीएम मोदी और अमित शाह का गृह नगर है और यह हमेशा से बीजेपी के लिए नाक का सवाल रहा है. पहले बार के कैंडीडेट कीर्तिकुमार ने ऊंझा से 51 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है.
गुजरात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने कहा, ‘गुजरात की जनता समझती है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ही विकास कार्य कर सकती है. गुजरात की जनता को बहुत बहुत धन्यवाद.'
अगर रुझान जारी रहा तो बीटीपी प्रमुख छोटूभाई वसावा अपना गढ़ खो देंगे, जहां से वह लगातार 7 बार चुनाव जीत चुके हैं. बेटे से अनबन के चलते वह इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं.
हमें अपने राष्ट्रपति के प्रति किसी भी अपमान की निंदा करनी चाहिए, लेकिन द्रौपदी मुर्मू और ममता बनर्जी से जुड़ी घटना कई सवाल खड़े करती है, जिनमें कुछ असहज करने वाले भी हैं.