कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष ने दिल्ली आने से पहले कहा कि हमने इस पार्टी (कांग्रेस) को बनाया है, हमने इस घर को बनाया है. मैं इसका हिस्सा हूं...एक मां अपने बच्चे को सब कुछ देती है.
बीते 13 मई को आए कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम में कांग्रेस ने 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में 135 सीटों पर जीत दर्ज की थी. चुनाव जीतने के बाद से ही कर्नाटक में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सस्पेंस जारी है.
बीते 13 मई को आए कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम में कांग्रेस ने 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में 135 सीटों पर जीत दर्ज की थी. चुनाव जीतने के बाद से ही कर्नाटक में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सस्पेंस जारी है.
बीजेपी ने इस बार निकाय चुनाव में 395 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था. पार्टी का कहना है कि समुदाय अब उनपर भरोसा करने लगा है, जबकि विश्लेषकों ने माना कि BJP ने मुस्लिम उम्मीदवारों को केवल निचले पदों पर खड़ा किया था.
हालांकि सिद्धारमैया का कहना है कि कांग्रेस की कर्नाटक विधानसभा जीत लोकसभा की जीत के लिए 'करीब पहुंचा एक कदम ' है, लेकिन दिप्रिंट द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चलता है कि बीजेपी आम चुनावों में वोट शेयर में सुधार कर रही है.
पार्टी के छोटे नेताओं में केआरपीपी के जी जनार्दन रेड्डी और एसकेपी के दर्शन पुत्तनैया शामिल हैं, जबकि निर्दलीय पूर्व कांग्रेस नेता केएच पुट्टास्वामी गौड़ा और लता मल्लिकार्जुन हैं.
बागेश्वर धाम उर्फ पंडित धीरेंद्र शास्त्री बीते 13 मई को पांच दिवसीय हनुमंत कथा के लिए बिहार के पटना पहुंचे थे. जहां राज्य में बीजेपी नेताओं ने धीरेंद्र शास्त्री का जमकर स्वागत किया था, वहीं सत्ताधारी दलों ने इसे बीजेपी की साजिश करार दिया था.
अपने जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान लिए गए एक वीडियो में, मनोहर लाल खट्टर को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता वहां 'राजनीति' करने के लिए आया है.
बेंगलुरु में कांग्रेस की देर रात तक चली मीटिंग के बाद विधायकों की लिखित और मौखिक राय ली गई है और गुप्त मतदान हुआ है, इसे फैसले के लिए पार्टी अध्यक्ष खड़गे को भेज दिया गया है.
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में से एक शिवकुमार के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ दिल्ली आने की उम्मीद है.
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.