उत्तराखंड के सीएम ने कहा- छावनी बोर्ड के विघटन और यहां के क्षेत्रों को स्थानीय नगरपालिकाओं/जिला प्रशासन को स्थानांतरित करने से स्थानीय जनता को लाभ होगा. यहां पर्यटन क्षमता को अनलॉक करने में मदद मिलेगी.
राजनीति से दूर और खुद को किसी जाति का नहीं मानने वाले वारकरी संप्रदाय की ओर राजनीतिक दल काफी उत्साह से देख रहे हैं. बीआरएस प्रमुख केसीआर से लेकर शिंदे सरकार तक ने इन तीर्थयात्रियों के लिए स्वास्थ्य बीमा की घोषणा की है.
बसपा प्रमुख ने कहा कि लेकिन हम देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की कोशिश कर रही बीजेपी का समर्थन नहीं करते. इस मुद्दे का राजनीतीकरण और इसे जबर्दस्ती लागू करना सही नहीं है.
बीते शनिवार को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने संसदीय रणनीति समूह की बैठक की, जिसमें उसने 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र के दौरान उठाए जाने वाले विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की.
सिब्बल ने कहा कि उत्तराखंड का सिविल कोड देशभर में लागू नहीं किया जा सकता. लोगों को इस कानून के बारे में पूरी तरह पता नहीं है, लेकिन चर्चा शुरू हो गई हैं.
कर्नाटक सरकार की ओर से कहा गया है कि राज्य के केंद्रीय अल्पसंख्यक मुस्लिम विचारक परिषद, चावड़ी का एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मिला था और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी.
बीते दिन केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा था कि यूनिफॉर्म सिविल कोड बीजेपी का "चुनावी एजेंडा" है और संघ परिवार द्वारा सांप्रदायिक विभाजन की एक चाल है.
महाराष्ट्र की शिंदे-फडणवीस सरकार ने पिछले साल तेज़ी से फैसले लेने को प्राथमिकता दी है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण और रणनीति गायब लगते हैं.
पश्चिम बंगाल चुनाव में वामपंथी दल और कांग्रेस खुरचन में हिस्सेदारी के लिए होड़ लगा रहे हैं. पूर्वी-मध्य भारत में माओवाद को कब्र में दफन कर दिया गया है, तो केरल में वे सरकार विरोधी दोहरी भावना से जूझ रहे हैं.