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Saturday, 24 January, 2026
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इमरान खान फेमिनिज्म से इसलिए नफरत करते हैं क्योंकि उनको गोल रोटी बनाने वाली और गोरी महिला चाहिए

खान ने ऐसे समय पर अपना बयान दिया है जब पाकिस्तान में नारीवाद आंदोलन काफी जोरों पर है और साथ ही समाज के एक तबके (राइट-विंग्स) द्वारा इसका मजाक भी उड़ाया जा रहा है।

मोदी की सबसे बड़ी गलतियां, और जानें क्यों एक डाटा विश्लेषक ने छोड़ी भाजपा

यहाँ कुछ उदाहरण हैं कि कैसे भाजपा राष्ट्रीय संवाद को एक अँधेरे कोने में धकेल रही है। यह वह नहीं है जिसके लिए मैं जुड़ा था।

नेटफ्लिक्स की ‘लस्ट स्टोरीज’ ने तोड़ी सेक्स पर भारतीयों की चुप्पी

ज़ोया अख्तर, अनुराग कश्यप, दिबाकर बनर्जी और करण जौहर वाली यह कहानी  सेक्स को लेकर की जाने वाली हिचक भरी (भद्दी) बातचीत और चुप्पी तोड़ती हैं।

क्या ट्रम्प की नीतियों के लिए दूसरे देश भी ज़िम्मेदार हैं ?

जहां ट्रम्प के एकतरफा फैसले व्यापारी युद्ध के खतरे को बढ़ावा दे सकते हैं वहीं उनका आर्थिक मुद्दों को सुलझाने की नीतियों के बारे में विचाफ करना भी सही है।

मोदी सरकार की भटकी सोच की बदौलत आज कश्मीर में फिर से आ गए हैं 1993 वाले हालात

दोनों देश कश्मीर को खूनी लड़ाई की जगह मानते हैं और वे आख़िरी कश्मीरी व्यक्ति तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

राहुल गाँधी की शानदार इफ्तार पार्टी में इन तीन चीज़ों ने किया रंग में भंग

प्रणब मुख़र्जी की उपस्थिति और प्रमुखता मुस्लिमों के प्रति सद्भावना के रूप में राहुल गांधी के इफ्तार प्रयासों के विपरीत साबित हुई।

कारगिल: किस तरह का लोकतंत्र हैं हम कि अपने ही युद्धों की सच्चाई का सामना करने से घबराएं ?

कारगिल में प्रथम युद्ध की जीत (तोलोलिंग) की वर्षगांठ पर एक कहानी और कुछ रहस्यों को सामने ला रहा हूँ। क्योंकि हम तब तक जीत नहीं पाएंगे जब तक कि हम अपनी गलतियों से नहीं सीखते।

पाकिस्तानी मीडिया ने इस बार गलत महिला से मोल लिया है पंगा – रेहम खान

अगर सिर्फ़ एक किताब के कारण पाकिस्तान में पूरी पीटीआई (पाकिस्तानी तहरीक-ए-इंसाफ) ख़ौफ़ में आ सकती है तो वे सीमा पर दुश्मन के हमलों का सामना कैसे करेंगे।

भारत में स्ट्रेस के विषय पर बात करने का समय आ गया है क्योंकि अब गुरु भी आ रहे हैं इसकी चपेट में

अपने योग और आयुर्वेद के बावजूद अधिकांश शीर्ष-स्तरीय आध्यात्मिक पुरुष भारत में अविश्वसनीय रूप से उन्मादपूर्ण जीवन जीते हैं।

नेहरू से एनडीए तक : भारतीय राजनीतिक पार्टियों की दास्‍तान-ए-इफ़्तार

राजनीतिक दल केवल कुछ जाने पहचाने मुस्लिमों के लिए इफ़्तार पार्टियों की मेजबानी करते हैं, जिन्हें मुस्लिम मतदाताओं तक पहुँचने के लिए प्राथमिक रूप से प्रमुख हितधारकों के रूप में चुना जाता है।

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देश के 300 से ज्यादा श्रम कानून व्यवस्था को जटिल बनाते थे. नए चार लेबर कोड इसे आसान बनाते हैं

बदलते लेबर मार्केट में आने वाले युवा वर्कफोर्स को ऐसे नियमों की ज़रूरत है जो मोबिलिटी, स्किल ट्रांज़िशन और काम के नए तरीकों को पहचानें. पुराने इंडस्ट्रियल मॉडल पर आधारित कानून इस भविष्य के लिए काम नहीं आ सकते.

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मणिपुर में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद

इंफाल, 24 जनवरी (भाषा) मणिपुर के इंफाल पूर्व जिले में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। पुलिस ने शनिवार को...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.