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Friday, 27 March, 2026
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पुरुष भी हैं पितृसत्ता के शिकार, तेज प्रताप यादव से पूछकर देखिए

पितृसत्ता पुरुषों द्वारा महिलाओं के साथ किया जाने वाला व्यवहार भर नहीं है. पितृसत्ता वह व्यवहार है जो समाज हम सबके साथ करता है, पुरुष और महिला दोनों के साथ.

राफेल घोटाला मोदी का बोफोर्स नहीं है

फेल को लेकर विपक्ष के प्रचार में कई सीमाएं हैं- न कोई वीपी सिंह है, न कोई पुख्ता कहानी है, न सबूत, न ही कोई नारा.

झारखंड में महागठबंधन का केंद्र बनने की कोशिश न करे कांग्रेस

कोलेबिरा उपचुनाव में जीत का ज्यादा मतलब निकालना कांग्रेस को महंगा पड़ सकता है. झारखंड में आदिवासियों की प्रतिनिधि पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा ही है.

भारतीय अर्थव्यवस्था को इकॉनॉर्मिक्स की ज़रूरत, न कि वामपंथ बनाम दक्षिणपंथ

हाल-फिलहाल मेरी नज़र से एक दस्तावेज़ गुज़रा और मन उसी पर अटक गया- लगा कि इसे तो मैं एक वक्त से खोज रहा था. यहां सुविधा के लिए हम उस दस्तावेज़ का नाम ‘इको-नॉर्मिक्स’ रख लेते हैं.

येरुशलम में मैंने अयोध्या का प्रतिबिंब देखा

येरुशलम की पश्चिमी दीवार (वेस्टर्न वॉल) और उत्तर प्रदेश के अयोध्या में काफी साम्य है. जैसा कि सावरकर मानते थे, यहूदीवाद और हिंदुत्व में अनेक प्रतीकात्मक समानताएं हैं.

कौन हैं अनुप्रिया पटेल, जिनकी नाराज़गी के आजकल चर्चे हैं?

अनुप्रिया पटेल यूपी में एनडीए का कुर्मी चेहरा हैं, लेकिन सरकार में आने के बाद से उनकी सामाजिक न्याय की योद्धा वाली छवि धूमिल हुई है. अब वे क्या करेंगी?

स्त्री की कोख का सहारा लेने वाले देवता को स्त्रियों से डर क्यों लगता है?

माहवारी वाली स्त्रियां अगर छू लें तो क्या अयप्पा को दिक्कत होगी? नहीं, उनके एजेंट, जो किसी स्त्री के ही कोख से पैदा हुए हैं, उन्हें बड़ी दिक्कतें हैं.

दीवार पर लिखी इबारत स्पष्ट है: स्वागत 2019, अलविदा नरेंद्र मोदी

अब खुद हिसाब लगाएं, जैसा कि मास्टर साब कहते हैं: आप सारे प्लस और सारे माइनस को एक करें, भाजपा देश भर में 145 सीटों से अधिक नहीं जीत रही.

नरेंद्र मोदी 2019 में प्रधानमंत्री नहीं बने तो क्या करेंगे?

हारने पर क्या मोदी विपक्ष में बैठेंगे या संन्यास की घोषणा करेंगे? अगले 100 दिन वास्तव में महत्वपूर्ण हैं तथा चिंता का, शायद उम्मीद का भी, सबब हैं.

ब्राह्मण ओनली: नौकरी देने का ये कैसा चलन

चेन्नई की कंपनी ने जाति संबंधी जो विज्ञापन दिया, उसे मासूम गलती मानिए. असली खेल वहां हो रहा है, जहां विज्ञापनों में जाति का जिक्र नहीं है.

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भारत और चीन का विकास सिर्फ विदेशी उदारता के कारण नहीं बल्की मेहनत का फल: चीन

नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और चीन ने पिछले कुछ दशकों में...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.