यह नहीं कहा जा सकता कि अयोध्या में 25 नवंबर को जो कुछ हुआ, वह साधु-संतों का स्वतःस्फूर्त प्रयास था क्योंकि धर्मसभा के लिए भीड़ जुटाने में भाजपा नेता भी पूरी तरह सक्रिय थे.
एक दशक से भारत के सबसे अधिक कृषि विकास दर करने वाले राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को आराम से बैठा होना चाहिए था. लेकिन वे संघर्ष कर रहें हैं क्योंकि हमारी कृषि अर्थव्यवस्था और राजनीति में खोट है.
यह समझने के लिए कि 1971 को भारत की संसदीय सीटों का आधार क्यों बनाया गया, 1960 के दशक के उस माल्थसवादी डर को फिर से देखना होगा, जो विकास से जुड़ी सोच पर हावी था.