हम कोई मज़ाक नहीं कर रहे, बस तेलंगाना में ‘दीवारों पर लिखी इबारत’ पढ़ रहे हैं, जहां केसीआर ने चुनाव से पहले रेवड़ियां बांटने की नई परिभाषा गढ़ दी है, लेकिन चुनाव जीतने के लिए उन्हें और भी बहुत कुछ करना पड़ेगा.
योगी आदित्यनाथ मोदी-शाह के भस्मासुर हैं जो विभाजन पैदा कर सकते हैं पर फायदा नहीं दिला सकते. वह मोदी के तात्कालिक राजनीतिक भविष्य को भी बर्बाद कर सकते हैं.
वाजपेयी सरकार ने खाद्य पदार्थों की कीमतों को दबाया और इसकी कीमत चुकाई. मनमोहन सिंह की सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में इस गलती को सुधारा और वे दोबारा सत्ता में आए.
हैदराबाद, 22 जनवरी (भाषा) तेलंगाना में सरकारी स्वामित्व वाली सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) की निविदाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़...