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Thursday, 9 April, 2026
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देश के सबसे साहसिक युद्ध रेजांग ला के शहीदों की याद में बने अहीर रेजिमेंट

अखिलेश यादव ने अहीर रेजिमेंट इंफेंट्री बटालियन की बात को समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र में शामिल करके उस समुदाय का सम्मान किया है, जिसे देश के लिए बेशुमार कुर्बानियां देने के लिए जाना जाता है.

लोकसभा चुनाव 2019 : कश्मीर में हरे रंग में रंगी भाजपा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भारतीय जनता पार्टी के कईं अन्य नेताओं को भले ही हरे रंग से परहेज़ हो पर कश्मीर की तीनों लोकसभा सीटों पर मतदाताओं को रिझाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी हरे रंग का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं.

क्या ग्रामीण औरतों के लिए सेक्स सिंबल हैं नरेंद्र मोदी?

पीएम मोदी की कंगना रनौत, अनुष्का शर्मा, प्रियंका चोपड़ा से लेकर इवांका ट्रंप के साथ तस्वीरें आई हैं. इन तस्वीरों में मोदी सहज नजर आते हैं. खुलकर बात करते हैं और हंसते हैं.

असमानता के ज्वालामुखी से निपटने के लिए जरूरी है आरक्षण

अब जब असमानता बढ़ रही है तो विशेष अवसर का सिद्धांत जिसे भारत में आरक्षण कहा जाता है, को और मज़बूत करने की ज़रूरत है, जिस पर हाल फ़िलहाल में सबसे ज़्यादा हमला हुआ है.

अर्थव्यवस्था से जुड़े सवाल बाद में, बड़ी बात ये है कि कांग्रेस ने इतनी सारी आजादियों के वादे किए हैं

कांग्रेस के कई वादे शायद पूरे नहीं किये जा सकते. अगर एक राष्ट्रीय दल व्यक्तिगत स्वाधीनता का इस तरह खुल कर पक्ष ले रहा है तो इसका खुले दिल से स्वागत किया जाना चाहिए.

अहीर रेजिमेंट का वादा या सपा से यादव मतदाता छिटकने का डर

अगर समाजवादी पार्टी सचमुच लोहियावाद पर चल रही होती, तो वह किसी जाति के लिए नया रेजिमेंट बनाने का वादा करने की जगह, जाति नाम वाले तमाम रेजिमेंट को भारत रेजिमेंट में बदलने की मांग करती.

मोदी का मुक़ाबला है 20 मजबूत प्रादेशिक नेताओं से, और कहीं कोई लहर नहीं है

आज करीब 20 नेता अपने भौगोलिक क्षेत्र तथा राजनीतिक दायरे में इतने ताकतवर हैं कि मोदी समेत कोई भी राष्ट्रीय नेता उनके वोट बैंक में सेंध नहीं लगा नहीं सकता.

गांधी, लोहिया और कांशीराम: कितने पास-कितने दूर

समकालीन भारतीय इतिहास के इन तीन महान व्यक्तित्वों ने राजनीति और समाज पर गहरी छाप छोड़ी. तीनों का रास्ता अलग था, लेकिन उनमें कई समानताएं भी थीं

ओपिनियन: ‘सेना को बलात्कारी कहने वाले कन्हैया से अब सवाल पूछे देशप्रेमी बेगूसराय’

कन्हैया कुमार उन लोगों में से हैं, जिन्हें विशुद्ध रूप से सोशल मीडिया ने क्रिएट किया है. उन्होंने कभी जनता के बीच कभी कोई काम नहीं किया है.

रविशंकर प्रसाद और मनीष तिवारी: नाक फुलाकर हर बात सही साबित करने की कला

मोदी सरकार केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद भी अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री रह चुके हैं.मनीष तिवारी 2012-13 में केंद्रीय मंत्री थे.

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एआई के दौर में छात्र अपना ज्ञान किताबों तक सीमित न रखें : उपराज्यपाल संधू

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सतत नवाचार जैसी तकनीकों के दुनिया को नया...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

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