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Saturday, 21 March, 2026
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मत-विमत

सवर्णों ने जातियां बनाई और अब वे जाति-विरोधी आंदोलनों के नेता भी बनना चाहते हैं!

कन्हैया कुमार पर प्रोफेसर अपूर्वानंद की टिप्पणी और सामाजिक न्याय के विभ्रम और सच को उधेड़ता ये लेख उन सवालों से टकरा रहा है, जो भारतीय समाज में सुधार आंदोलनों की आगे की दिशा के लिए महत्वपूर्ण हैं.

उसी का शहर वही मुद्दई वही मुंसिफ़, हमें यक़ीं था हमारा क़ुसूर निकलेगा

शायर अमीर कजलबाश को ये लिखते समय अंदाजा नहीं रहा होगा की ये शेर आगे जाकर भारतीय न्यायपालिका की दास्तां बयां करेगा. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पर लगे विवादों को सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह हल किया, उसने एक बड़े विवाद को जन्म दिया है.

उमर खालिद का सवाल, आतिशी क्या आप भी मुसलमानों को मात्र एक डरा हुआ वोटबैंक मानती हैं

पिछले छह वर्षों के दौरान आम आदमी पार्टी के उभार ने दिल्ली के लोगों के दिलों में काफी उम्मीदें और आकांक्षाएं जगाई थी.

कुंडा के भाषण में अखिलेश यादव ने दिखाया खांटी समाजवादी तेवर

उत्तर प्रदेश में सामंतवाद के गढ़ प्रतापगढ़ में अखिलेश यादव ने ‘राजशाही’ को चुनौती दी और तमाम जातियों को अधिकार देने की बात कही. लेकिन क्या उनके बदले तेवर का लाभ समाजवादी पार्टी को होगा?

नवोदय स्कूल के एक पूर्व विद्यार्थी का प्रधानमंत्री के नाम पत्र

नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भ्रष्टाचार के प्रतीक के तौर पर पेश किया. लेकिन किसी के भी जीवन को समग्रता में देखा जाना चाहिए और इस क्रम में राजीव गांधी की स्कूल शिक्षा नीति को भी याद किया जाना चाहिए.

पसमांदा आंदोलन के नारे ‘हिंदू हो या मुसलमान पिछड़ा-पिछड़ा एक समान’ से बदलेगी देश की राजनीति

भारतीय लोकतंत्र और पसमांदा मुसलमानों की नुमाइंदगी का प्रश्न अब सतह पर है. अगर लोकतंत्र को पूरी आबादी तक ले जाना है, तो ऐसे सवालों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए.

अब क्यों आया अखिलेश को कांग्रेस पर गुस्सा

चुनाव शुरू होने से लेकर तीन चरणों तक तो कांग्रेस और सपा अलग-अलग खेल खेल रहे थे लेकिन इधर यूपी में सपा और कांग्रेस के बीच तू तू मैं मैं कुछ बढ़ती दिख रही है.

बंगाल के मुसलमान चाहे अब ममता के प्रशंसक नहीं हों, लेकिन उनके पास कोई विकल्प भी नहीं है

बंगाल में मुसलमान अपनी धार्मिक पहचान से समझौता किए बिना शांति से जीने के अधिकार के लिए लड़ रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में बीएसपी की वैचारिक नींव डालने वाले स्वामी अछूतानंद ‘हरिहर’

यूपी में बीएसपी ने चार बार सत्ता हासिल की है, जिसमें एक बार वह पूर्ण बहुमत से आई. फुले-आंबेडकर से प्रभावित इस आंदोलन की वैचारिकता की नींव उत्तर प्रदेश में स्वामी अछूतानंद ने डाली थी.

चुनावी वादों को निभाने के बजाए, नई सरकार को अर्थव्यवस्था के मामले में ठंडे दिमाग से काम लेना होगा

खतरा यह है कि नई सरकार संतुलित मुद्रास्फीति को देखते हुए महंगे चुनावी वादों को पूरा करने या आर्थिक वृद्धि के अवास्तविक लक्ष्यों के चक्कर में विस्तारवादी नीतियों को न अपना ले.

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‘विश्वगुरु’ बनने का हमारा-आपका भ्रम, दुनिया को देखने की समझ बिगाड़ रहा है

एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 56 अभ्यर्थियों को सम्मानित किया

(तस्वीर के साथ) नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 56 अभ्यर्थियों को शनिवार को...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.