क्राउडफंडिंग में सफल होने के लिए लोगों को जानना जरूरी है, लेकिन उतना ही जरूरी ये भी है कि आप किन लोगों को जानते हैं और कौन आपको जानता है और उनकी हैसियत कितनी है.
शोले फिल्म का एक मशहूर डायलॉग है कि ‘इतना सन्नाटा क्यों है भाई.’ आरा से बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे सीपीआई (एमएल) कैंडिडेट को लेकर यही सवाल मीडिया से पूछा जाना चाहिए.
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों के पास तीन विकल्प हैं. या तो बीजेपी के साथ बनें रहें या कांग्रेस में विकल्प तलाशें. तीसरा विकल्प है कि जिस भी पार्टी का मजबूत ब्राह्मण कैंडिडेट हो, उसका समर्थन करें.
अंग्रेजी राज के समय से ही जनांदोलनों में मुकदमा होना या निचली अदालतों में सजा हो जाना कोई दुर्लभ बात नहीं है. निचली अदालतों के आदेश के आधार पर चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जाने के कानून पर राष्ट्रीय बहस होनी चाहिए.