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Sunday, 22 March, 2026
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सवर्णों को क्यों पसंद आने लगी बीजेपी और इस बारे में विश्लेषणों का अभाव क्यों?

जाति के अध्ययन का मतलब दलितों और पिछड़ों का अध्ययन क्यों है? आखिर कैसे तय होता है कि किन विषयों पर शोध होंगे, और किस सामाजिक समूह को जांच से परे माना जाएगा?

घायल शेरनी और बंगाल की लड़ाई में कमर कस रही भाजपा के बीच ये संघर्ष अभी लंबा चलेगा

ममता बनर्जी सरकार अक्षम दिखाई पड़ रही है. यही नहीं दीदी के कई वीडियो वायरल कराए जा रहे हैं जिसमें ममता को गुस्सैल दिखाने की कोशिश की जा रही है.

आरिफ़ मोहम्मद ख़ान आप 1986 में अटके हुए हैं, धर्मनिरपेक्षता और मुसलमानों पर आपके विचार पुराने हों चुके हैं

आरिफ़ मोहम्मद ख़ान शाहबानो प्रकरण को समकालीन भारत में मुसलमानों के समक्ष मौजूद तमाम मुद्दों पर विचार के लिए एक संदर्भ बिंदु मानते हैं.

प्रिय भारतीय उदारवादियों, आप मतदाताओं का चुनाव नहीं कर सकते

मोदी मतदाताओं को 'बड़े' धर्मांध के रूप में दिखाना, मध्यमवर्गीय जनता उदारवादी कार्य की मदद नहीं कर रही है.

पत्रकारों की गिरफ्तारियां : कई और पहलुओं पर भी गौर करने की जरूरत है

हमारे देश में मीडिया और लोकतंत्र के साथ अभिव्यक्ति की आजादी का भी बुराहाल इसलिए है कि ‘सत्ता प्रतिष्ठान ने अपने मुनाफे के लिए पत्रकारों को प्यादों की तरह चलाना शुरू कर दिया है.

कौन है पाकिस्तान का दुश्मन नंबर वन ‘आगरा वाला’

अल्ताफ हुसैन ने 1980 में एमक्यूएम पार्टी की स्थापना की. इसका कराची के शहरी इलाकों के साथ-साथ सिंध सूबे में मजबूत आधार है.

किस गतिरोध में फंस गई है बहुजन समाज पार्टी

बीएसपी जैसी एथनिक पार्टियों में समस्या होती है कि कोई एक जाति/समूह धीरे-धीरे उस पार्टी की पूरी मशीनरी को अपने क़ब्ज़े में कर लेता है, जिससे अन्य जातियों/समूहों का उससे तेज़ी से मोहभंग हो जाता है.

‘इगो टूरिज्म’ बन गया है एवरेस्ट पर चढ़ना

लोग अपने अहंकार यानी इगो की तुष्टि के लिए एवरेस्ट फतह करना चाहते हैं. स्थानीय गाइड काफी हद तक उन्हें ढो कर चोटी तक पहुंचा दे रहे हैं. इस कारण एवरेस्ट पर अक्सर ट्रैफिक जाम लग जाता है और ठंड में लोग मर जाते हैं.

हिन्दी फिल्में देखने वाले तमिलनाडु में हिन्दी विरोध क्यों

जिस राज्य में हिन्दी फिल्मों को देखने के लिए जनता सिनेमा घरों में उमड़ती हो वहां पर हिन्दी विरोध की बातें करना नासमझी ही माना जाएगा.

कार्टूनों में बाबा साहब का मजाक उड़ाने वाले आज उनकी पूजा कर रहे हैं!

पुस्तक के लेखक का कहना है कि अगर आप बाबा साहब का सम्मान करते हैं तो किताब में छपे कार्टूनों को देखते समय आपकी भावना आहत हो सकती है, क्योंकि इन कार्टूनों में बाबा साहब को अपमानित करने में कोई कसर छोड़ी नहीं गई थी

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उप्र : मिर्जापुर में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार युवक की मौत

मिर्जापुर, 22 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र में अहरौरा-चकिया मार्ग पर रविवार सुबह अज्ञात वाहन की चपेट...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.