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Friday, 6 February, 2026
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अति-पिछड़ों की बुलंद आवाज बनकर उभर रहे हैं ओम प्रकाश राजभर

अति-पिछड़ों की अनदेखी करने की सपा-बसपा की राजनीति की सीमाएं अब उजागर हो गई हैं. ऐसे में सैकड़ों अति-पिछड़ी जातियां अपना हक मांगने लगी हैं. इसी परिस्थिति में ओम प्रकाश राजभर का उभार हुआ है.

मोदी का असली ‘मंदिर मंत्र’ गूंज रहा है वाराणसी में

मोदी अगर ‘हिंदू हृदय सम्राट’ के तौर पर मजबूत होते जाते हैं तो बेहतर यह है कि ऐसा वे मध्ययुग की मस्जिदों को ढहाने की जगह प्राचीन मंदिरों का उद्धार करके बनें, जैसा कि वे वाराणसी में कर रहे हैं.

2019 लोकसभा चुनाव: कांग्रेस के नए ‘मणि’ हैं सैम पित्रोदा

इसबार जब कांग्रेस के एक नेता ने अपना इन चुनावों में मुंह बंद रखा तो दूसरे ने कमी पूरी कर दी. 2014 के मणि 2019 के सैम के रूप में सामने आये हैं.

कांशीराम क्यों कहते थे कि भारत को मज़बूत नहीं, मजूबर सरकार चाहिए!

जब-जब केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकारे रहीं, ज्यादातर फैसले पूंजीपतियों और सामंती शक्तियों के हक़ में किए गए. ऐसे शासन में क्षेत्रीय आकांक्षाओं, लोक-कल्याण और जनहित के कार्यों को नज़रंदाज़ किया गया.

मौजूदा चुनाव में समाजवाद और सामाजिक न्याय एक बार फिर सतह पर

भारत जैसे देश में जहां समाज जाति और वर्ग के नाम पर बुरी तरह बंटा हो, वहां समाजवाद की सफलता सामाजिक न्याय संबंधी नीतियों के कार्यान्वन पर निर्भर करती है.

भाजपा का इन चुनावों में जोश ठंडा, फिर भी सरकार बना लेने की उम्मीद

भाजपा के विरोध में कोई एक ऐसा मोर्चा नहीं बन सका है जो तमाम गैर भाजपाई दलों की एकता के लिए धुरी का काम करे. ऐसे में चुनाव के बाद कई दल पाला बदल सकते हैं.

गरीबों और वंचितों के लिए फ़ायदेमंद है गठबंधन सरकार

इवर्सेन और सोस्की ने अपने रिसर्च में पाया है कि जिन देशों में गठबंधन सरकारें बन रही हैं, उनमें असमानता कम बढ़ी है, जबकि जिन देशों में पूर्ण बहुमत की स्थाई सरकारें बनी है, उनमें असमानता तेज़ी से बढ़ रही है.

सर्जिकल स्ट्राइक पर भाजपा- कांग्रेस की लड़ाई से, राष्ट्रीय सुरक्षा पर हमारा रवैया जगजाहिर हो गया है

भारत पड़ोसी पाकिस्तान को बाध्य करने की स्थिति में बिल्कुल नहीं है, और पाकिस्तान सुनियोजित छद्म युद्ध की अपनी रणनीति पर कायम रहेगा.

यह अंग्रेजों का दौर नहीं जब अनशन सफल हुआ करते थे

अंग्रेजों की क्रूरता से इतिहास भरा पड़ा है लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि 1916 का मदन मोहन मालवीय का आंदोलन अंग्रेजों से बातचीत के बाद ही सफल हो पाया था.

आंध्रप्रदेश में कैसे तोड़ी थी राजशेखर रेड्डी ने माओवादियों की कमर

पूर्व मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी उर्फ वायएसआर के नेतृत्व में राज्य सरकार माओवादी हिंसा के फन कुचलने में कामयाब रही. बाद की सरकारों ने भी रेड्डी की रणनीति पर कठोरतापूर्वक अमल किया जिसके नतीजे अब सामने आ रहे हैं.

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आतिशी वीडियो विवाद: दिल्ली विधानसभा ने पंजाब के डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने आम आदमी पार्टी (आप) की नेता आतिशी के कथित रूप से ‘छेड़छाड़’ करके...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.