भाजपा के प्रदर्शन के इर्द-गिर्द धारणाएं शायद ही इसे ड्राइविंग सीट पर बैठाने के लिए काफी थीं. मगर भाजपा को 200 से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में 50 प्रतिशत वोट मिले.
ताजा शोध के मुताबिक अगले तीन साल मौसम सामान्य से ज्यादा गर्म रहेगा. जबकि इससे पहले ये शोध हो चुका है कि गर्मी में आत्महत्याएं, आत्महत्याओं की कोशिशें, हिंसा ज्यादा होती है.
अखिलेश को शायद इसका अंदाजा भी नहीं होगा कि सर्वणों में उनकी लोकप्रियता कितनी है. मेरे मुताबिक वह मोदी के बाद यूपी में दूसरे सबसे पाॅपुलर नेता हैं. लेकिन 2019 चुनाव का उनका पूरा पाॅलिटकल कैंपेन 'एंटी सर्वण' दिखा.
अब ये परिवार का वैसे मसला नहीं रह गया, जो सोनिया गांधी और उनके दो बच्चों तक सीमित हो. कार्यकर्ताओं को पता होना चाहिए कि प्रियंका के पास कितने अधिकार हैं.
मोदी एक मज़बूत नेता के नेतृत्व में सरकार द्वारा संचालित पूंजीवाद के अपने मॉडल को आगे बढ़ाएंगे. पर हमें पता है कि भारत जैसी जटिल और निजी सेक्टर संचालित अर्थव्यवस्था में ये कामयाब नहीं हो सकता.
मौजूदा लोकसभा चुनाव में उन राजनीतिक दलों को गहरा धक्का लगा है, जो खासकर उत्तर भारत में वंचित समूहों का नेतृत्व करने का दावा करते थे. आखिर क्यों फंस गई है सामाजिक न्याय की राजनीति?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?