हरियाणा में चुनाव की हालत ये है कि लोग अब ये नहीं पूछ रहे हैं की किसकी कितनी सीटें आएंगी, बल्कि सवाल ये है, कि क्या मनोहर लाल देवीलाल के 75 सीटें जीतने का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे?
संवैधानिक पद पर बैठे एक व्यक्ति से अपेक्षित है कि वह श्रेष्ठता बोध को फैलाने का निषेध करेगा. उनसे उम्मीद की जाती है कि वे ऐसी कोई बात नहीं कहेंगे जिससे किसी समूह की जन्म के आधार पर श्रेष्ठता का संदेश जाए.
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के चेयरमैन डॉ. भगवान लाल साहनी और सदस्य कौशलेंद्र सिंह पटेल ने सुनवाई में पाया कि शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया में आरक्षण के प्रावधानों को लागू करने में गड़बड़ी हुई है.
भाजपा के पुराने अवतार जनसंघ ने समाजवादी होने का क्षद्म रचा और जेपी उनके छलावे में आ गए. इसकी वजह से संघ को जो विश्वसनीयता मिली, उसे वह अब तक भुना रही है.
आजम खान इमरजेंसी के योद्धा हैं, जिन्होंने रामपुर इलाके में नवाबी दबदबे को खत्म करके लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत किया. शिक्षा के क्षेत्र में उनके काम की बराबरी करने वाले देश में कम ही नेता हैं.
कठिन बाज़ार से जूझ रहे कार उत्पादकों से सहानुभूति रखते हुए इस तथ्य को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता कि वे इस मौके का फायदा उठाकर टैक्सों में और ज्यादा छूट हासिल करने की आपत्तिजनक कोशिश में लगे हैं
पश्चिम बंगाल चुनाव में वामपंथी दल और कांग्रेस खुरचन में हिस्सेदारी के लिए होड़ लगा रहे हैं. पूर्वी-मध्य भारत में माओवाद को कब्र में दफन कर दिया गया है, तो केरल में वे सरकार विरोधी दोहरी भावना से जूझ रहे हैं.