उत्तर भारत में दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों की मज़बूत आवाज़ बनकर उभरे कांशीराम का 9 अक्टूबर को 13वां परिनिर्वाण दिवस है. राष्ट्र आज जिन सवालों से जूझ रहा है, उन पर वे किस तरह सोचते थे.
केन्द्र सरकार ने एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों के लिये दिशा-निर्देश तैयार किये हैं. इनके अंतर्गत एसपीजी सुरक्षा कवच प्राप्त प्रत्येक व्यक्ति के लिये विदेश यात्रा के दौरान भी एसपीजी सुरक्षा कर्मियों को साथ ले जाना होगा.
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में मुंबई से शुरू हुआ विधानसभा चुनावों का सिलसिला देश के कई राज्यों तक चला और तकरीबन हर राज्य में भाजपा का डबल इंजन का नारा भी गूंजा.
मायावती ने बीजेपी की नीतियों के प्रति नरमी दिखाकर मुसलमानों को सपा की तरफ जाने को मजबूर कर दिया है, जिनका रुझान पहले भी सपा की तरफ ही था. यूपी में सपा ही प्रमुख विपक्षी दल है.
आखिर हमारे वित्त मंत्रियों को करीब 6 प्रतिशत को 3.5 प्रतिशत बताने की बाजीगरी क्यों करनी पड़ती है? खुले और पूर्ण एकाउंटिंग को बढ़ावा क्यों न दिया जाए ताकि देश को वित्तीय घाटे की वास्तविक तस्वीर मिले?
समान तेवर और विचारधारा वाली दो पार्टियां एक साथ फल-फूल नहीं सकती. जब से बीजेपी ने उग्र हिंदुत्व को अपना लिया है तब से शिव सेना की जमीन लगातार सिंकुड़ती जा रही है. अब उसके सामने अस्तित्व का संकट है.
आर्थिक संकट केवल सही और साहसी सुधारों से ही दूर हो सकता है, और यह मोदी सरकार अगर यह नहीं कर पाती तो इससे यह आशंका ही सही साबित होगी कि वह अपना जादू गंवा चुकी है.
भारत में निम्न वर्गों के राजनीतिक उभार को साइलेंट रिवोल्यूशन या मूक क्रांति कहा गया है. इस क्रांति की अग्रणी ताकत बसपा थी, जिसने कभी बहुजनों को शासक बनने का सपना दिखाया था.
पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.