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Monday, 27 April, 2026
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राष्ट्रवाद, मॉब लिंचिंग और शरणार्थी समस्या पर कांशीराम के विचार

उत्तर भारत में दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों की मज़बूत आवाज़ बनकर उभरे कांशीराम का 9 अक्टूबर को 13वां परिनिर्वाण दिवस है. राष्ट्र आज जिन सवालों से जूझ रहा है, उन पर वे किस तरह सोचते थे.

सहमति-अहसमति और राजनीति के किन्तु-परन्तु के बीच विदेश में भी एसपीजी सुरक्षा को रखना होगा साथ

केन्द्र सरकार ने एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों के लिये दिशा-निर्देश तैयार किये हैं. इनके अंतर्गत एसपीजी सुरक्षा कवच प्राप्त प्रत्येक व्यक्ति के लिये विदेश यात्रा के दौरान भी एसपीजी सुरक्षा कर्मियों को साथ ले जाना होगा.

दलित राजनीति का सूत्रपात करने वाले दिग्गज नेता कांशीराम की दास्तान

अपने समर्थकों के लिए कांशीराम भीमराव आंबेडकर के अवतार थे लेकिन उनके आलोचक उन्हें फासीवादी जातिवादी के सिवा और कुछ नहीं मानते थे.

तो क्या आज आ रहे विधानसभा चुनाव के परिणाम में फिर दौड़ेगा भाजपा का डबल इंजन

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में मुंबई से शुरू हुआ विधानसभा चुनावों का सिलसिला देश के कई राज्यों तक चला और तकरीबन हर राज्य में भाजपा का डबल इंजन का नारा भी गूंजा.

उत्तर प्रदेश में विपक्षी नेता मायावती नहीं, अखिलेश यादव हैं

मायावती ने बीजेपी की नीतियों के प्रति नरमी दिखाकर मुसलमानों को सपा की तरफ जाने को मजबूर कर दिया है, जिनका रुझान पहले भी सपा की तरफ ही था. यूपी में सपा ही प्रमुख विपक्षी दल है.

राजकोषीय घाटे से जुड़े 3 प्रतिशत के लक्ष्य को भूल जाना चाहिए

आखिर हमारे वित्त मंत्रियों को करीब 6 प्रतिशत को 3.5 प्रतिशत बताने की बाजीगरी क्यों करनी पड़ती है? खुले और पूर्ण एकाउंटिंग को बढ़ावा क्यों न दिया जाए ताकि देश को वित्तीय घाटे की वास्तविक तस्वीर मिले?

बाल ठाकरे के सामने नतमस्तक रही बीजेपी ने शिवसेना को कैसे जूनियर बना दिया?

समान तेवर और विचारधारा वाली दो पार्टियां एक साथ फल-फूल नहीं सकती. जब से बीजेपी ने उग्र हिंदुत्व को अपना लिया है तब से शिव सेना की जमीन लगातार सिंकुड़ती जा रही है. अब उसके सामने अस्तित्व का संकट है.

अर्थव्यवस्था इतनी बीमार है कि इसका इलाज होम्योपैथी से नहीं, सर्जरी से ही हो सकता है

आर्थिक संकट केवल सही और साहसी सुधारों से ही दूर हो सकता है, और यह मोदी सरकार अगर यह नहीं कर पाती तो इससे यह आशंका ही सही साबित होगी कि वह अपना जादू गंवा चुकी है.

नीतीश मीडिया के सामने खो रहे हैं आपा, राजनीति में करो करो या मारो की स्थिति

बिहार में बाढ़ के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सहयोगी भाजपा सहित सभी तरफ से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.

बहुजनों को शासक बनाने के बीएसपी के सपने का क्या हुआ

भारत में निम्न वर्गों के राजनीतिक उभार को साइलेंट रिवोल्यूशन या मूक क्रांति कहा गया है. इस क्रांति की अग्रणी ताकत बसपा थी, जिसने कभी बहुजनों को शासक बनने का सपना दिखाया था.

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ईरान युद्ध ने भारत के लिए अगले युद्ध का खाका पेश कर दिया है

पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.

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राजनीति

देश

सूरत में एसबीआई की शाखा से हथियारबंद लुटेरों ने 50 लाख रुपये नकद लूटे

सूरत, 27 अप्रैल (भाषा) गुजरात के सूरत शहर में सोमवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक शाखा को सशस्त्र लुटेरों के एक गिरोह...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.