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Tuesday, 28 April, 2026
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मैंने दल और गठबंधन बदल लिया है, आपको कोई शिकायत तो नहीं

धर्मनिरपेक्षता के इस झीनी चादर को थोड़ी देर के लिए अलग कर दीजिये तो तमाम राजनीतिक दलों का चरित्र लगभग एक समान नजर आता है. इनकी ज्यादातर नीतियां एक समान हो गई हैं.

दिल्ली में प्रदूषण राजनीतिक मुद्दे में बदला गया है और यह केजरीवाल के लिए अच्छी ख़बर नहीं

शीला दीक्षित ने 2003 में अपने प्रदूषण ट्रैक रिकॉर्ड की वजह से जीत हासिल की थी. क्या केजरीवाल भी 2020 में ऐसा कर पाएंगे?

मोदी-शाह युग में अयोध्या आंदोलन के मूल नायकों को वनवास भेज दिया गया है

लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती जैसे नेताओं ने राम जन्मभूमि आंदोलन को भाजपा की सत्ता प्राप्ति के आधार के रूप में स्थापित किया था, पर आज भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में उनके लिए कोई जगह नहीं है.

राम मंदिर निर्माण के आह्वान के बीच सीता के जन्म का रहस्य अब भी कायम है

वाल्मीकि रामायण में राम के जन्म का तो विशद वर्णन है, पर सीता की उत्पत्ति को कुछेक श्लोकों में ही समेट दिया गया है.

व्हॉट्सएप में लगी सेंध की चिंता आपको क्यों होनी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार को ऐसा नैसर्गिक मौलिक अधिकार माना है जो जीवन के मौलिक अधिकार से जुड़ा हुआ है. इस महत्वपूर्ण फैसले के बावजूद हम ‘स्नूपगेट’ का सामना कर रहे हैं

नये खिलाड़ियों को पेट्रोल-डीजल बेचने की छूट देने से पहले नीति में सुधार लाना जरूरी

इस तरह के सुधार लागू हुए तो नये खिलाड़ियों को अपने आउटलेट खोलने की छूट देने के इस ताज़ा कदम को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा.

सऊदी अरब कश्मीर मसले के हल में मददगार नहीं हो सकता क्योंकि मुस्लिम जगत में उसकी वैधता नहीं रह गई है

सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान भले ही इमरान ख़ान की अनदेखी करें और नरेंद्र मोदी से मेलजोल बढ़ाएं, पर वह पाकिस्तानी सेना के साथ अपने सैन्य संबंधों को दरकिनार नहीं कर सकते.

मोदी-शाह का उग्र राष्ट्रवाद ताकतवर भारत को असुरक्षित कर रहा है

भारत आज इतना मजबूत हो चुका है कि कोई उसे दबा नहीं सकता. यह तथ्य हमें ज्यादा सुरक्षित महसूस करने और पुराने खतरों या डरों से मुक्त होने के लिए काफी होना चाहिए था.

विकास कोई मोदी का ‘अच्छे दिन’ वाला जुमला नहीं बल्कि इसका अर्थ लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है

मोदी सरकार खुश हो सकती है कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' की रैंकिंग में में भारत की रैंकिंग ऊपर हुई है मगर वह इन तथ्यों की अनदेखी नहीं कर सकती कि खुशहाली सूचकांक के लिहाज से भारत 140वें नंबर पर है और दक्षिण-पूर्व एशिया में सबसे ज्यादा आत्महत्याएं यहीं होती हैं.

दिल्ली अपना ज्यादातर धुआं खुद बनाती है और किसानों का रोना रोती है

दिल्ली के लोग साफ हवा में सांस ले सकें, इसके लिए किसानों को मजबूर किया जा रहा है कि पराली जलाना बंद करें. इस बीच दिल्ली वाले अपनी गाड़ियों से डीजल का धुआं निकालते रहेंगे, जेनरेटर सेट चलाते रहेंगे और पटाखे तो वे फोड़ेंगे ही.

मत-विमत

ईरान युद्ध ने भारत के लिए अगले युद्ध का खाका पेश कर दिया है

पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.

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बुलंदशहर तिहरा हत्याकांड: एक आरोपी मुठभेड़ में गोली लगने से घायल,परिवार ने मांगा ‘बुलडोजर न्याय’

बुलंदशहर (उप्र), 27 अप्रैल (भाषा) बुलंदशहर जिले के खुर्जा नगर थाना क्षेत्र में जन्मदिन के केक की क्रीम चेहरे पर लगाने को लेकर उपजे...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.