खट्टर सरकार के 10 में से आठ मंत्रियों के हारने के बाद इस बार नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह के लिए खींचतान शुरू हो चुकी है. दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक लॉबिंग भी शुरू हो गई है.
बौद्धिक बातचीत पर पटेल नाक-भौं सिकोंड़ लेते थे. हालांकि वो लंदन से पढ़कर आए हुए बैरिस्टर थे. लेकिन वो अपने भाषणों में खुद को चौथी पास अशिक्षित की तरह पेश करते थे.
हाल में मनरेगा को लेकर एक के बाद एक जितनी घोषणाएं की गई हैं उन्हें देखकर तो यही लगता है कि इस योजना पर मोदी सरकार की निर्भरता तेजी से बढ़ रही है और वह इसे व्यापक ग्रामीण संकट और बेरोजगारी के एक अन्तरिम समाधान के रूप में देखती है.
नरेन्द्र देव जिन्होंने स्वतंत्रता संघर्ष के दिनों में कांग्रेस में रहकर समाजवाद की अलमबरदारी की और स्वतंत्रता के बाद का जीवन कांग्रेस का समाजवादी विकल्प खड़ा करने में होम कर दिया.
इन चार मामलों से साफ हो जाएगा कि सर्वोच्च अदालत के फैसले संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर किए जाते हैं या उनमें लोकप्रिय जनभावनाओं का ख्याल रखा जाता है.
नवंबर का महीना सेक्युलर राजनीति के लिए परीक्षा का महीना साबित होने जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या पर बहु-प्रतीक्षित फैसला, एनआरसी का विस्तार और कई कानून आएंगे सामने.
पाकिस्तान हम पर 'ईरान जैसा' हमला करने के लिए बेताब होगा, और चीन हमें 'असममित विस्तार' का मौका दिए बिना ही एक हवाई अभियान को अंजाम देने की योजना बना रहा होगा. भारत के पास खुद को बदलने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है.