भारत की लगभग आधी आबादी के पास स्मार्टफोन नहीं है. ऐसे लोगों में महिलाओं और वंचित जातियों की संख्या ज्यादा है. ऑनलाइन शिक्षा का प्रोजेक्ट इन सबको नुकसान पहुंचाएगा.
भारत के मेहनतकश मगर निरंतर संकटग्रस्त किसान के लिए न्यूनतम आय का विचार लागू करना संभव लगता है, लेकिन तभी जब तमाम सबसीडियां और मूल्य समर्थन कार्यक्रम खत्म कर दिए जाएं.
लोगों के मूड को देखते हुए लगता है कि बीजेपी 2024 में तीसरी बार चुनाव जीत लेगी. ऐसा संभव नहीं लगता कि फिलहाल जो बढ़त उसे हासिल है, पार्टी उसे गंवा देगी.
चीन लद्दाख में जो कुछ कर रहा है उससे भारत को हैरान होने की जरूरत नहीं थी, बल्कि उससे इसी की उम्मीद करनी चाहिए थी, खासकर तब जबकि भारत ने जम्मू-कश्मीर का दर्जा बदल दिया है.
बाबा साहेब की हमेशा कामना रही है कि ब्राह्मणों में समाज सुधारक पैदा हों, क्योंकि एनिहिलेशन ऑफ कास्ट किताब में वे मानते हैं कि वही समाज को दिशा दिखाने का काम करते हैं.
भारत-चीन सीमा विवाद को कूटनीतिक कक्षों में एक नया मानचित्र तैयार कर हल किया जा सकता है. इसके लिए शी को अतीत के साये से निकलना होगा, जबकि भारत को राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाने की ज़रूरत होगी.
हवाई यात्रा के नियमों को लेकर अस्पष्टता से यात्रियों को क्या परेशानियां हुईं यह सामने आ चुका है, इसलिए बेहतर यही होगा कि उन्हें एजेंसियों और अधिकारियों की ओर से पर्याप्त समय दिया जाए ताकि वे यात्रा की योजना ठीक से बना सकें.
मेरे तर्क साम्यवाद अथवा वामपंथ के विरुद्ध नहीं है. बल्कि वे उस राजनीतिक अर्थव्यवस्था के विरुद्ध हैं जिसमें मिशन जय हिंद के ये प्रख्यात प्रस्तावक विश्वास करते हैं.
दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.