2022 में, खिलाड़ियों ने कहा था कि उन्हें त्यागराज स्टेडियम में जल्दी ट्रेनिंग खत्म करने को कहा गया ताकि IAS जोड़े अपना कुत्ता घुमा सकें. इसके बाद सामने आया मीम्स और जनता का गुस्सा.
क्षेत्रीय दल संसद में एकजुट विपक्ष पेश करने में जूझ रहे हैं और दिल्ली में कोई ऐसा नेता नहीं है जो बीच-बचाव कर सके. ऐसे में केंद्र-राज्य तनाव अब खुले टकराव के रूप में सामने आ रहा है.
बदलते लेबर मार्केट में आने वाले युवा वर्कफोर्स को ऐसे नियमों की ज़रूरत है जो मोबिलिटी, स्किल ट्रांज़िशन और काम के नए तरीकों को पहचानें. पुराने इंडस्ट्रियल मॉडल पर आधारित कानून इस भविष्य के लिए काम नहीं आ सकते.
नितिन नबीन की नियुक्ति दिखाती है कि बीजेपी भी अन्य राजनीतिक दलों की तरह है, जहां पार्टी के बड़े नेता चुनाव प्रक्रिया को सख्ती से नियंत्रित करके संगठन के प्रमुख का फैसला करते हैं.
यह जनगणना अलग-अलग जाति समूहों की संख्या और उनकी आय—दोनों का नक्शा तैयार करेगी. इससे उन लोगों को आधार मिलेगा, जो एससी/एसटी आरक्षण से ‘क्रीमी लेयर’ को बाहर करने की मांग करते हैं.
यह समझने के लिए कि 1971 को भारत की संसदीय सीटों का आधार क्यों बनाया गया, 1960 के दशक के उस माल्थसवादी डर को फिर से देखना होगा, जो विकास से जुड़ी सोच पर हावी था.
मुझे उम्मीद है कि ईरान में भारतीय छात्र सुरक्षित घर लौट आएंगे. उन्होंने घर और विदेश में बहुत दुख झेला है. लेकिन एक ऐसा कल्चर जो 2026 में सिर्फ़ दो प्रोफेशन को ही स्वीकार करता है, वह इससे कुछ नहीं सीखेगा. अगली निकासी में मिलते हैं.