रूस-यूक्रेन युद्ध के समय बीजेपी ने पीएम मोदी को ऐसे ‘विश्वगुरु’ के रूप में दिखाया था, जो दुनिया के झगड़े खत्म कर सकते हैं, लेकिन पश्चिम एशिया युद्ध के मामले में पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति में थोड़ा बदलाव किया है.
पंजाब NRI मामलों का एक अधिनियम बना सकता है, जिसके तहत एक वैधानिक आयोग का गठन किया जाएगा. लेकिन इसका मतलब यह होगा कि राज्य पर यह आरोप लगेगा कि वह अनुपस्थित ज़मीन मालिकों का एक विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग तैयार कर रहा है.
एक चीज़ जो ट्रांस की खूबसूरती को ज़िंदा रखती है, वह है उनका समुदाय और अपनापन. लेकिन कानून बनाने वालों की नजर में, यह अपनापन ‘धोखा’, ‘लुभाना’ और ‘गलत असर डालना’ बन जाता है.
बीजेपी के एक मजबूत तीसरे विकल्प बनकर सामने आने से कई राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं. अब केरल की राजनीति सिर्फ दो पक्षों तक सीमित नहीं रही, भले ही यूडीएफ और एलडीएफ अभी भी ऐसा कहते हों.
सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.
पाकिस्तान के कुछ सेना-विरोधी नागरिक, जो पहले इमरान खान के साथ हुए व्यवहार को लेकर सेना से नाराज़ थे, अब एक राय पर पहुंच गए हैं—आसिम मुनीर ने पाकिस्तान को वैश्विक खिलाड़ी बना दिया है.