scorecardresearch
Friday, 6 February, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

विवादित डॉग-लवर IAS संजीव खिरवार दिल्ली लौटे, लेकिन उनकी पत्नी का क्या हुआ?

2022 में, खिलाड़ियों ने कहा था कि उन्हें त्यागराज स्टेडियम में जल्दी ट्रेनिंग खत्म करने को कहा गया ताकि IAS जोड़े अपना कुत्ता घुमा सकें. इसके बाद सामने आया मीम्स और जनता का गुस्सा.

तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में राज्यपाल–सरकार टकराव खुलकर सामने आया

क्षेत्रीय दल संसद में एकजुट विपक्ष पेश करने में जूझ रहे हैं और दिल्ली में कोई ऐसा नेता नहीं है जो बीच-बचाव कर सके. ऐसे में केंद्र-राज्य तनाव अब खुले टकराव के रूप में सामने आ रहा है.

वोडाफोन को बेलआउट देना सवालों के घेरे में है, सरकार प्राइवेट सेक्टर में फेवरेट नहीं चुन सकती है

वोडाफोन को उसके AGR बकाए पर बेलआउट देने का एक आसान तरीका था, जिससे असमान व्यवहार का खतरा भी पैदा न हो.

सीमांकन तय है, लेकिन दक्षिण के लिए नुकसान कम करने के 4 तरीके

बीजेपी के लिए अपनी सभी इकाइयों के हितों में संतुलन बनाना मुश्किल होगा क्योंकि सभी केंद्र और राज्यों, दोनों में मजबूत पकड़ चाहते हैं.

देश के 300 से ज्यादा श्रम कानून व्यवस्था को जटिल बनाते थे. नए चार लेबर कोड इसे आसान बनाते हैं

बदलते लेबर मार्केट में आने वाले युवा वर्कफोर्स को ऐसे नियमों की ज़रूरत है जो मोबिलिटी, स्किल ट्रांज़िशन और काम के नए तरीकों को पहचानें. पुराने इंडस्ट्रियल मॉडल पर आधारित कानून इस भविष्य के लिए काम नहीं आ सकते.

देश की न्यायपालिका नागरिकों को निराश कर रही है. जब आज़ादी खतरे में होती है, तब जज आंखें फेर लेते हैं

अगर आप पर ऐसे अपराध का आरोप लगता है जिसके लिए सबूत का एक भी टुकड़ा नहीं है, तो भी जज आपको जेल भेज देगा.

नितिन नवीन की BJP अध्यक्ष के पद पर नियुक्ति इलेक्शन नहीं, सिलेक्शन है

नितिन नबीन की नियुक्ति दिखाती है कि बीजेपी भी अन्य राजनीतिक दलों की तरह है, जहां पार्टी के बड़े नेता चुनाव प्रक्रिया को सख्ती से नियंत्रित करके संगठन के प्रमुख का फैसला करते हैं.

जनगणना 2027 में प्रवासी मज़दूर कहां गिने जाएंगे—जन्मभूमि या कर्मभूमि?

यह जनगणना अलग-अलग जाति समूहों की संख्या और उनकी आय—दोनों का नक्शा तैयार करेगी. इससे उन लोगों को आधार मिलेगा, जो एससी/एसटी आरक्षण से ‘क्रीमी लेयर’ को बाहर करने की मांग करते हैं.

जनसंख्या का डर, ‘बिमारू’ की सोच और फ्रीज सीटें: जनगणना 2027 खोलेगी परतें

यह समझने के लिए कि 1971 को भारत की संसदीय सीटों का आधार क्यों बनाया गया, 1960 के दशक के उस माल्थसवादी डर को फिर से देखना होगा, जो विकास से जुड़ी सोच पर हावी था.

भारतीय छात्र युद्ध क्षेत्रों में फंस रहे हैं—डॉक्टर बनाने के लिए परिवार बच्चों को कहीं भी भेज रहे हैं

मुझे उम्मीद है कि ईरान में भारतीय छात्र सुरक्षित घर लौट आएंगे. उन्होंने घर और विदेश में बहुत दुख झेला है. लेकिन एक ऐसा कल्चर जो 2026 में सिर्फ़ दो प्रोफेशन को ही स्वीकार करता है, वह इससे कुछ नहीं सीखेगा. अगली निकासी में मिलते हैं.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

आंध्र के पूर्वी गोदावरी जिले में फिर से देखा गया बाघ, विशेष टीम ने उसे पकड़ने का अभियान शुरू किया

राजामहेंद्रवरम, छह फरवरी (भाषा) पूर्वी गोदावरी जिले के कुर्मापुरम गांव के पास एक बाघ के दूसरी बार देखे जाने के बाद वन विभाग के...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.