scorecardresearch
Friday, 24 April, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

क्या कोई बाहरी कभी सच में गोवा का हिस्सा बन सकता है? नई किताब इसी सवाल से जूझती है

क्या हर कोई 'गोवा' को गलत तरीके से जी रहा है? प्रवासियों की हर लहर के पास एक अलग जवाब है.

पानी से वीज़ा और सुरक्षा तक—हसीना के बाद आगे बढ़े भारत-बांग्लादेश संबंध

बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान की इस हफ्ते नई दिल्ली की दो दिन की यात्रा, एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ, को ‘बड़ा कूटनीतिक ब्रेकथ्रू’ माना जा रहा है.

इस ‘किसी की भी नहीं’ वाली ईरान की जंग की कीमत क्या है? नैतिकता

महाभारत में विदुर कहते हैं कि बड़े हित के लिए त्याग ज़रूरी है. इससे सवाल उठता है: ईरान की जंग में ‘बड़ा हित’ क्या है?

ममता बनर्जी बनाम शक्तिशाली सिस्टम: असल में बंगाल चुनाव इसी बारे में है

मुख्यधारा मीडिया में लगातार, लगभग एक जैसा नैरेटिव दिखाया जाता है: बंगाल ‘कानूनहीन’, बंगाल ‘हिंसक’, बंगाल ‘अस्थिर’. हर घटना को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है.

अल्पसंख्यक फिर से UDF के साथ खड़े हैं: क्या इससे केरल में LDF की जीत का सिलसिला टूट जाएगा

कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा झटका 2005 में के. करुणाकरण और उनके गुट का पार्टी से अलग होना था. उनके कई पुराने कार्यकर्ता आगे चलकर BJP के सिपाही बन गए.

मनमोहन सिंह के समय नक्सलवाद गिरावट पर था, सुदृढ़ीकरण के दौर में आई मोदी सरकार

2005 में UPA सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ में सलवा जुडूम शुरू हुआ, आदिवासी युवाओं को हथियार देकर अपने ही लोगों के खिलाफ लड़ाई में उतारा गया.

जातिवाद भारतीय शहरों से खत्म नहीं हुआ है, बस उसने अंग्रेज़ी सीख ली है

शहरी भारत आज जातिवाद खत्म होने के दौर में नहीं है, बल्कि ऐसा दौर है जहां लोग जातिवाद मानना नहीं चाहते. वे ऊंच-नीच के फायदे तो चाहते हैं, लेकिन इसे मानने में शर्म महसूस करते हैं.

भारतीय इंडस्ट्री एनर्जी सेक्टर में ताकतवर बने और भारत के निर्माण का नेतृत्व करे

LNG को अपनाने से ही भारत को एनर्जी सुरक्षा नहीं हासिल हो जाएगी. इसके साथ रसोई, औद्योगिक क्रियाओं, और परिवहन में बिजली के उपयोग को बढ़ाना भी जरूरी होगा.

स्पेक्ट्रम जंग का बड़ा हथियार है, उसे वायरल वीडियो के लिए नीलाम न करें

हमारे सामने असली विकल्प सीधा-सा है: क्या हम यह चाहते हैं कि जब सबसे ज्यादा ज़रूरी हो तब हमारे सैनिक बैंडविड्थ के लिए वायरल वीडियो से मुकाबला करें?

चीन ने खुद को ऊर्जा संकट से सुरक्षित कर लिया है. भारत सिर्फ ‘बातें करता है, काम नहीं’

चीन ने कोयले से गैस बनाने में पूंजी, हुनर और टेक्नोलॉजी का धैर्य के साथ निवेश किया. हम कथनी को करनी में बदलने में हमेशा पीछे रहते हैं. कच्चे तेल की कीमत गिरते ही हमारा जोश ठंडा पड़ जाता है.

मत-विमत

दंतेवाड़ा के कलेक्टर ओपी चौधरी ने नक्सल-प्रभावित ज़िले में शिक्षा को कैसे बढ़ावा दिया?

तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.

वीडियो

राजनीति

देश

पंजाब: कार्यकर्ता गुरजीत खालसा को 560 दिनों बाद पटियाला में टावर से नीचे उतारा गया

समाना (पंजाब), 24 अप्रैल (भाषा) पंजाब में बेअदबी की घटनाओं के लिए सख्त कानूनों की मांग को लेकर 560 दिनों से 400 फुट ऊंचे...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.