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Thursday, 9 April, 2026
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सत्ता में बैठे लोग अब निष्पक्ष दिखने की चिंता नहीं करते, ज्ञानेश कुमार अकेले ऐसे नहीं हैं

सच तो यह है कि भारत में सत्ता के पद पर बैठे लोगों में से शायद ही कोई शर्म या मर्यादा का पालन करने की इच्छा से काम करता है.

धुरंधर 2 नोटबंदी का समर्थन करने के लिए एक बड़ा बहाना देती है, जिसकी कल्पना BJP ने भी नहीं की थी

नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी ही उसकी सबसे बड़ी समझदारी थी. 'धुरंधर 2' ने उस चुप्पी को एक ही झटके में तोड़ दिया है, और पूरे देश को ठीक-ठीक यह याद दिला दिया है कि उनके साथ क्या किया गया था.

भारत को ईरान संकट का फायदा उठाना चाहिए, ईंधन से हटकर ऑर्गेनिक वेस्ट मैनेजमेंट की ओर बढ़ना चाहिए

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ने वैश्विक सप्लाई चेन को बाधित कर दिया है और व्यापार, लॉजिस्टिक्स और इनपुट फ्लो के सिस्टम में आई गड़बड़ी के कारण इसका असर पूरी दुनिया में महसूस किया जा रहा है.

CAPF बिल 2026: IPS डेपुटेशन से CAPF जवानों की तरक्की क्यों अटक जाती है

CAPF में हर स्तर पर पहले से ही पदोन्नति की रुकावट रहती है. ऐसे में अगर सबसे ऊपर का पद बाहर से आए किसी आईपीएस अधिकारी को दे दिया जाए, तो नीचे के अफसरों की तरक्की लगभग रुक जाती है.

डार्विन की थ्योरी पर उठते सवाल—वैज्ञानिक जगत में क्यों बढ़ रही है असहमति

द रॉयल सोसायटी के फेलो डेनिस नोबल neo-Darwinism के उस विचार से असहमत हैं कि सभी जैविक कारण सिर्फ ज़ीन से आते हैं.

ईरान युद्ध से अमेरिका में मंदी तय—भारत का आम आदमी भी प्रभावित होगा

सप्लाई चेन में रुकावट, शिपिंग लागत बढ़ना और जरूरी सामान की कमी से दुनिया में सप्लाई शॉक आ सकता है, जिससे अर्थव्यवस्थाएं अस्थिर होकर मंदी में जा सकती हैं.

‘भारत जानता है उसका हित कहां है’—ईरान युद्ध बढ़ने के बीच नई दिल्ली कैसे संभाल रही स्थिति

युद्ध के अहम मोड़ के करीब पहुंचने पर मोदी सरकार अपने विकल्पों पर विचार कर रही है और अलग-अलग देशों व समुद्री रास्तों से तेल-गैस खरीद के प्रयासों की समीक्षा कर रही है.

ईरान अभी तक युद्ध क्यों नहीं हारा? वजह सिर्फ तेल और ड्रोन नहीं हैं

नेताओं की हत्या और भारी बमबारी, चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, हार और आत्मसमर्पण करवाने के लिए काफी नहीं हो सकती. इसके लिए लंबा और बहुत कठिन युद्ध लड़ना पड़ सकता है.

क्या खत्म हो रहा है ‘नीतीश युग’? बिहार की राजनीति नए मोड़ पर

सामाजिक न्याय से वैचारिक ध्रुवीकरण तक—बिहार की राजनीति कई चरणों से गुजरते हुए नए दौर में प्रवेश करती दिख रही है.

ओडिशा में बीजेपी महाराष्ट्र जैसा खेला चाहती है, लेकिन नवीन पटनायक आखिरी बाधा हैं

अब दबाव में आए नवीन पटनायक वह सब कर रहे हैं जो पहले कम ही करते थे—रोज़ विधानसभा आना, बीच-बीच में बोलना, टीवी चैनलों को बयान देना और सड़कों पर उतरना.

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असम विधानसभा चुनाव : अपराह्न एक बजे तक करीब 60 प्रतिशत मतदान

(फोटो के साथ) गुवाहाटी, नौ अप्रैल (भाषा) असम विधानसभा चुनाव के लिए बृहस्पतिवार सुबह से जारी मतदान के बीच अपराह्न एक बजे तक...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.