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Tuesday, 7 April, 2026
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क्या खत्म हो रहा है ‘नीतीश युग’? बिहार की राजनीति नए मोड़ पर

सामाजिक न्याय से वैचारिक ध्रुवीकरण तक—बिहार की राजनीति कई चरणों से गुजरते हुए नए दौर में प्रवेश करती दिख रही है.

ओडिशा में बीजेपी महाराष्ट्र जैसा खेला चाहती है, लेकिन नवीन पटनायक आखिरी बाधा हैं

अब दबाव में आए नवीन पटनायक वह सब कर रहे हैं जो पहले कम ही करते थे—रोज़ विधानसभा आना, बीच-बीच में बोलना, टीवी चैनलों को बयान देना और सड़कों पर उतरना.

युद्ध के दौरान सोने की कीमतें गिर रही हैं. यह साफ संकेत है कि असली आर्थिक झटका आने वाला है

आर्थिक वृद्धि धीमी ज़रूर हुई है, लेकिन गिरी नहीं है, इसलिए बाज़ार ने जल्दी निष्कर्ष निकाल लिया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था इस झटके को झेल चुकी है. यह निष्कर्ष जल्दबाजी है.

सुप्रीम कोर्ट ऐसे नियम बनाए कि जज रिटायर होने के बाद अपने पद की गरिमा को ‘किराये’ पर न दे सकें

भारत के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विदेशी अदालतों में गवाह बनकर खड़े हो रहे हैं, यह एक संस्थागत समस्या बन गई है.

अमेरिका-इजरायल-ईरान जंग में अमेरिका की रणनीतिक हार पहले से तय है

युद्ध के तीन सप्ताह पूरे होने पर मैं बेहिचक यह कह सकता हूं कि ईरान अपनी रणनीति को लागू करने में पूरी तरह सफल रहा है. 

‘विश्वगुरु’ बनने का हमारा-आपका भ्रम, दुनिया को देखने की समझ बिगाड़ रहा है

एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.

ईरान संकट को समझने में जूझ रहे हैं भारतीय मुस्लिम बुद्धिजीवी. उम्माह इसका जवाब नहीं है

कई मुस्लिम समुदाय, चाहे शिया हों या सुन्नी, अक्सर इस पर धार्मिक नज़रिए से प्रतिक्रिया देते हैं. यह नज़रिया आगे चलकर कबीलाई सोच में बदल जाता है, जो उम्माह जैसी धारणाओं से बनती है.

पश्चिम बंगाल में ममता पर बीजेपी भारी पड़ती दिख रही है, ये हैं 7 बड़ी वजहें

ममता बनर्जी पहले जैसी अजेय नेता नहीं दिखतीं और जनता यह बात समझ चुकी है.

ईरान युद्ध भारत के लिए दिशा सुधारने का संकेत है, नौसेना को आगे आना चाहिए

भारतीय नौसेना हमेशा से भारत की राजनीतिक सीमाओं से परे, राष्ट्रीय कूटनीतिक और अन्य संपर्क प्रयासों को समर्थन देने में सबसे आगे रही है. अब आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी उठाने का समय आ गया है.

भारत और यूरोप के रिश्ते अराजक होते ग्लोबल ऑर्डर में स्थिरता ला सकते हैं

मिलकर काम करते हुए, वे मौजूदा तनावों को व्यापक संघर्ष में बदलने से रोकने के लिए आवश्यक कूटनीतिक गुंजाइश बनाने में मदद कर सकते हैं.

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जातिवाद भारतीय शहरों से खत्म नहीं हुआ है, बस उसने अंग्रेज़ी सीख ली है

शहरी भारत आज जातिवाद खत्म होने के दौर में नहीं है, बल्कि ऐसा दौर है जहां लोग जातिवाद मानना नहीं चाहते. वे ऊंच-नीच के फायदे तो चाहते हैं, लेकिन इसे मानने में शर्म महसूस करते हैं.

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बिहार : सीवान में झड़प के मामले में राजद विधायक ओसामा साहब नामजद

सीवान, छह अप्रैल (भाषा) बिहार के सीवान जिले में जीप और ऑटो-रिक्शा की टक्कर के बाद दो पक्षों के बीच हुई झड़प के...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.