रेचिन ला एक टैक्टिकल सफलता और एक स्ट्रेटेजिक चेतावनी थी. इसने एक ऐसे सिस्टम को सामने ला दिया जहां पॉलिटिकल लीडर बिना सीमा तय किए कंट्रोल चाहते हैं, और कमांडरों को स्ट्रेटेजिक ज़िम्मेदारी संभालने के लिए छोड़ देते हैं.
एक राज्य सरकार का नई दिल्ली से वित्तीय स्वायत्तता की मांग करना, जबकि अपने स्थानीय निकायों को धन और निर्णय लेने के अधिकार से वंचित रखना, विडंबना है, जिसे नज़रअंदाज़ करना कठिन है — और इसका बचाव करना और भी कठिन है.
बांग्लादेश की राजनीतिक व्यवस्था कुछ समय के लिए औपचारिक धर्मनिरपेक्षता के दौर में रहने के बाद बंटवारे के पहले वाली हकीकत के दौर की ओर लौट रही है. भारत को इसे समझते हुए रिश्ते तय करने चाहिए.
अपने चुनाव से पहले के वादे—‘मेरे पास एक योजना है’—को दोहराते हुए तारिक रहमान ने कहा कि उन्होंने सभी को शामिल करने वाली रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है और उन्हें उम्मीद है कि लोग इस सफर में उनका साथ देंगे.
जेडी (यू) के पास अभी भी लोकसभा में 12 और राज्य विधानसभा में 85 सदस्य हो सकते हैं, लेकिन नीतीश कुमार के बिना पार्टी के सामने नेतृत्व की बड़ी कमी खड़ी हो गई है.