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Thursday, 29 January, 2026
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एलएसी पर सेनाओं को पीछे हटाने की अपारदर्शी प्रक्रिया और अपनी जीत के दावे भारत को महंगे पड़ सकते हैं

एक भ्रामक कहानी बनाई जा रही है कि भारत ने अपने राजनीतिक संकल्प और फौजी ताकत के बूते चीनियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया है, इस तरह के दावे हमें नुकसान ही पहुंचाएंगे.

पायलट और सिंधिया बागी होते हैं तो कांग्रेस की हार होती है, लेकिन ‘विरासत के दमपर’ चमकने वालों का भी नुकसान होता है

राजनीतिक महत्वकांक्षाएं रखने वाले नेता जिस दौर में छात्र संगठन और युवा संगठन में अपनी जगह बनाने के लिए दर-दर भटका करते हैं, झंडे उठाया करते हैं उस दौर में सचिन और ज्योतिरादित्य कांग्रेस में मंत्री बन गए थे.

पाकिस्तान ने पबजी को ‘इस्लाम विरोधी’ बताकर बैन किया, इमरान खान के इस कदम ने उन्हें युवाओं से दूर कर दिया है

अगर मज़हबी खयालात, नैतिकता और वक़्त की बर्बादी किसी एक खेल को बैन करने का पैमाना हैं, तो फिर इमरान खान सरकार को पूरा डिजिटल स्पेस ही बंद कर देना चाहिए.

भारतीय सैनिकों के लिए गलवान से मिली सीख: आदेशों का इंतज़ार मत करो, बस उन्हें मान लो

मौके पर मौजूद जवान और अधिकारी ही किसी कार्रवाई के बारे सबसे सही निर्णय कर सकते हैं. उन्हें ‘आदेश’ की अनुपस्थिति को ‘निष्क्रियता’ की वजह नहीं बनने देना चाहिए.

प्रेमचंद के ‘नमक का दारोगा’ वाली स्थिति अभी तक बदली नहीं है, सुनीता यादव के प्रकरण को भी उसी नज़र से देखा जाए

सोशल मीडिया का भला हो कि मंत्री के समर्थकों व बेटे से हुई उसकी बातचीत का ऑडियो वायरल होते ही लोग खुलकर सुनीता का सपोर्ट करने लगे.

मंडल से लेकर मोदी तक, ओबीसी की कई उप-श्रेणियां बनाने का विचार खराब राजनीति के चक्रव्यूह में फंसा

जो भी सामाजिक नीति का पक्षधर है, उन्हें मांग करनी चाहिए कि 27 प्रतिशत आरक्षण को बांटने के बाबत बने रोहिणी आयोग की सिफारिशें सरकार महामारी के उतार के तुंरत बाद जारी करे.

ब्राह्मण तुष्टिकरण में बीजेपी का मुकाबला नहीं कर पाएगी बीएसपी और कांग्रेस

इन दिनों यूपी में ब्राह्मण और ठाकुर आपसे में टकरा रहे हैं. सत्ता का अधिकतम लाभ पाने के लिए दोनों समुदायों में होड़ मची है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि इनमें से कोई बीजेपी को छोड़ देगा.

भारत में धर्मनिरपेक्षता की विचारधारा पराजित नहीं हुई है, इसके पैरोकारों को आरएसएस पर दोष मढ़ना बंद करना होगा: राजमोहन गांधी

भारत में धर्मनिपेक्षता के पैरोकारों की चाहे जो भी गलतियां और नाकामियां रही हों, वे हिंदू राष्ट्रवादी विचारधारा के उत्कर्ष के मुख्य जिम्मेदार नहीं हैं. वास्तव में, इनमें से कुछ पैरोकार अगर राष्ट्रीय मंच पर न उभरते तो वह उत्कर्ष बहुत पहले हो गया होता.

विकास दुबे को ‘ब्राह्मणों का रॉबिनहुड’ बताने से जाति, अपराध और राजनीति के घालमेल की सही तस्वीर नहीं उभरेगी

भारतीय लोगों की कपोलकल्पनाओं ने विकास दुबे को बेवजह उत्तर प्रदेश का ‘डॉन’ बना दिया कि वह जिंदा गिरफ्तार होता तो सरकार के तख़्तापलट का भी वजह बन सकता था. 

भारत में कोविड की जांच दर कम होने के पीछे क्षमता कारण नहीं है बल्कि सरकार द्वारा टेस्टिंग की कीमत तय किया जाना है

यदि भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय रोगियों के संपर्कों को ढूंढने और आइसोलेशन पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है तो उसके लिए कोविड-19 टेस्टिंग को पूरी तरह नियंत्रण मुक्त करना सबसे अच्छी नीति होगी.

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इंजीनियर की मौत: डेवलपर ने कहा, प्राधिकरण के विज्ञापनों पर आपत्ति जताने पर हटा दिए गए थे बैरिकेड

नोएडा, 28 जनवरी (भाषा) नोएडा के सेक्टर 150 स्थित जिस भूखंड पर स्थित खाई में कार गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.