scorecardresearch
Thursday, 22 January, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

नीतीश कुमार की धार कुंद जरूर पड़ी है लेकिन BJP को अभी से ही जश्न नहीं मनाना चाहिए

मोदी और अमित शाह से लेकर खुली जीप में सवार होकर आए जेपी नड्डा तक सभी पिछले सप्ताह बिहार में जीत का जश्न मनाने के लिए भाजपा मुख्यालय पहुंचे थे. क्या जदयू की बजाये भाजपा का वर्चस्व कायम होने का समय आ गया है?

सेविंग्स, प्रोफिट और स्टॉक्स ज्यादा समय तक नहीं चढ़ सकते, उम्मीद की जानी चाहिए कि बदलाव की रफ्तार धीमी होगी

फिलहाल तो ऐसा लगता है कि हर कोई नकदी बचा कर रखना चाहता है जबकि सरकार उधार को एक सीमा में रखने की कोशिश कर रही है लेकिन यह सूरत भी बदलेगी. 

महात्मा गांधी के प्रिय विनोबा भावे जिन्होंने शोषण मुक्त समाज व्यवस्था का सपना देखा और ‘जय जगत’ का नारा दिया

जीवन भर विवादों से दूर रहने वाले विनोबा के जीवन की एकमात्र विडंबना यह है कि उन्होंने 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा नागरिकों की स्वतंत्रता का अपहरण कर देश पर थोपी गयी इमरजेंसी को ‘अनुशासन पर्व’ बताया था.

चीन पर मोदी ने कैसे ‘नेहरू जैसी’ आधी गलती की और सेना में निवेश को नज़रअंदाज किया

मोदी यह मान बैठे कि चीन अपने आर्थिक हितों को दांव पर लगाकर हमारे लिए सैन्य चुनौती बनने की कोशिश नहीं करेगा, इसलिए प्रतिरक्षा पर खर्चे फिलहाल टाले जा सकते हैं. मोदी यहीं पर नेहरू की भूल के मुकाबले आधी भूल कर बैठे. 

सादगी ही अयोध्या की दिवाली की खूबसूरती रही है, अब तो बाजार के जगमग में खो रहे मूल्य

आज की तारीख में दीपावली का रूप-रंग कुछ इस तरह बदल गया है कि वह महज बाजार की उन शक्तियों का त्यौहार नजर आती है, जो शुभ-लाभ से जुड़ी देसी व्यावसायिक नैतिकताओं से परे पूंजी को ब्रह्म और मुनाफे को मोक्ष बना डालने पर आमादा हैं.

बिहार में नीतीश कुमार को एक महंगी जीत का, जबकि तेजस्वी यादव को सर्वश्रेष्ठ पराजित नेता का खिताब मिला है

बिहार विधानसभा चुनावों में जीत के बाद भी यदि जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार खुद को असुरक्षित और असहाय महसूस करते हैं, तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेवार हैं.

मरयम नवाज़ से कौन डरता है- इमरान खान, उनकी पार्टी PTI या फिर सेक्सिस्ट जोक्स करने वाले

नया पाकिस्तान में महिला नेता को इज्ज़त तभी दी जाती है जब वह गद्दीनशीं पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ से जुड़ी हो, विपक्षी खेमे की महिला नेता की तो कोई पूछ ही नहीं है.

भाकपा माले ने कट्टरता और व्यवहारिक राजनीति के अच्छे तालमेल से बिहार में सफलता पाई

‘नक्सलवादी’, ‘आतंकी समर्थक’, ‘चीन-पोषित माओवादी’, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे अलंकरणों वाले व्यापक दुष्प्रचार के बावजूद सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने बिहार में 12 सीटें जीती हैं.

भारत और भारतीयों की ज़िंदगी में क्या चल रहा, ये बिहार के चुनाव नहीं बताते

हम घंटों इस बात पर बतियाते रह सकते हैं कि कैसे नीतीश कुमार का कद इस चुनाव में छोटा हुआ और ये भी कि क्या कांग्रेस को 70 सीटों पर लड़ने का मौका देना एक गलती थी. लेकिन, इसके तुरंत बाद ही हमारे मन में ये जानने की खुजली मचेगी कि आईपीएल के फायनल में क्या हुआ?

मत-विमत

भारतीय छात्र युद्ध क्षेत्रों में फंस रहे हैं—डॉक्टर बनाने के लिए परिवार बच्चों को कहीं भी भेज रहे हैं

मुझे उम्मीद है कि ईरान में भारतीय छात्र सुरक्षित घर लौट आएंगे. उन्होंने घर और विदेश में बहुत दुख झेला है. लेकिन एक ऐसा कल्चर जो 2026 में सिर्फ़ दो प्रोफेशन को ही स्वीकार करता है, वह इससे कुछ नहीं सीखेगा. अगली निकासी में मिलते हैं.

वीडियो

राजनीति

देश

बागपत में युवती की हत्या, खेत के बिटौड़े में मिला अधजला शव

बागपत (उप्र), 22 जनवरी (भाषा) दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे के समीप ग्राम बाघू में एक युवती की कथित तौर पर हत्या कर उसका शव खेत...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.