एक समय भारत का सबसे समृद्ध राज्य आज नीचे फिसल गया है और पिछड़ गया है, उसे अब गेहूं-चावल-एमएसपी के नशे से बाहर निकलकर अपनी उद्यमशीलता को फिर से जगाने की जरूरत है.
पाकिस्तान ने फिर दूसरा विश्व युद्ध जीत लिया. इमरान खान को भारत से अंदरूनी मदद मिली और भारतीय नहीं चाहते थे कि विराट कोहली आईसीसी चुनाव जीतें, यह एक कूटनीतिक जीत है.
नेपाली प्रधानमंत्री अपने विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावाली की अपुष्ट दिल्ली यात्रा से देश में पैदा हुए संवैधानिक संकट के बीच अपनी कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली से आस लगा रहे हैं.
मोदी के राजनीतिक मॉडल के लिए असम कसौटी के समान है. भाजपा ने अपने प्रभाव क्षेत्र से बाहर के इस राज्य में 2016 में जीत का परचम लहराया था लेकिन क्या वह उस सफलता को दोहरा सकती है?
CAA और संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकांश अंश खत्म करने जैसे फैसले के खिलाफ अगर समाज का एक वर्ग के आक्रोषित हुआ तो क्या कोर्ट इसके अमल पर भी रोक लगाएगा?
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.