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Friday, 24 April, 2026
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इमरान खान दुखी हैं, विश्वास मत चाहते हैं लेकिन विपक्ष को उन्हें सत्ता से हटा पाने की उम्मीद

चुनावी हार के बाद एकदम एक्शन में आई पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने ऐलान किया है कि प्रधानमंत्री संसद में विश्वासमत हासिल करेंगे, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इसे ‘पाकिस्तान में लोकतंत्र के लिए दुखद दिन’ करार दिया है.

किसान आंदोलन अराजनैतिक नहीं हो सकता और होना भी नहीं चाहिए, यह लोकतांत्रिक नहीं है

चंपारण से लेकर तेभागा तक किसानों का आंदोलन राजनैतिक रहा है. लेकिन 1980-90 में यह बदल गया जब अराजनैतिक आंदोलन की मांग उठने लगी.

हार्वर्ड के मंच पर हेमंत सोरेन की विभाजनकारी आदिवासी राजनीति बिरसा मुंडा के दर्शन के विपरीत है

झारखंड के मुख्यमंत्री सोरेन या तो नए ज़माने के मिशनरियों के हाथों में खेल रहे हैं या संभवतः धर्मांतरण लॉबी के इशारे पर काम कर रहे हैं.

शी के मीडिया प्रचार से भ्रमित न हों, चीन की ‘ज़ीरो गरीबी’ जो दिखा रही उससे ज्यादा छिपा रही है

चीन दुनिया को यक़ीन दिलाना चाहता है, कि उसके ‘राज्य के नेतृत्व में विकास’ ने ग़रीबी को ख़त्म कर दिया है. लेकिन, जैसा कि हर चीनी चीज़ के साथ होता है, सच्चाई उससे कहीं ज़्यादा जटिल है, जितनी लगती है.

ममता बनर्जी दीदी से बंगाल की बेटी क्यों बन गईं

पश्चिम बंगाल के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ‘बंगाल की बेटी’ को बाहरी हमलावरों से बचाने का नारा देकर मतदाताओं की भावनाओं को उभारने की कोशिश में जुटी है.

क्यों एकजुट रहने के लिए कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनाव हारने होंगे

इंदिरा ने 1969 और 1978 में, कांग्रेस के दिग्गजों को चुनौती दी थी और पार्टी को विभाजित कर दिया था. राहुल या प्रियंका के पास अपनी दादी वाला करिश्मा नहीं है.

शहतूत एग्रीमेंट, चमोली और अफगानिस्तान के बीच संबंध और आत्मबोधानंद के अनशन के मायने क्या है

मातृसदन के साधुओं ने एकबार फिर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है.जीडी अग्रवाल की मांगों और उन मांगों पर सरकारी दावों – वादों की याद दिलाया है. जबकि प्रधानमंत्री विकास की नई इबारत लिखने के लिए अफगानिस्तान के साथ शहतूत एग्रीमेंट  पर हस्ताक्षर किया है.

1971 के युद्ध के 50 साल होने पर जिंदगी बचाने वाले सैशे और उसे लोगों तक पहुंचाने वाले बंगाली डॉक्टर को न भूलें

भले ही आज हर कोई ओआरएस जानता है, जिसे मेडिकल जर्नल लांसेट ने 20वीं शताब्दी में 'चिकित्सा क्षेत्र की संभवत: सबसे महत्वपूर्ण प्रगति' कहा है लेकिन डॉ. दिलीप महालनबिस को याद करने वाले कम ही लोग होंगे.

भारत को सोचना चाहिए की सकारात्मक विकास दर के बावजूद वह चीन की तरह गरीबी को क्यों नहीं खत्म कर पा रहा

भारत के लिए प्रगति की रफ्तार में गिरावट ही चिंता की बात नहीं है, वह उन दूसरे देशों से आगे निकलने में भी सुस्त हो गया है जो आर्थिक वृद्धि और विकास के मामले में चीन की दूर-दूर तक बराबरी नहीं करते

वैक्सीन पर संदेह से लेकर हड़बड़ी तक, टीकाकरण के दूसरे चरण में मोदी सरकार के सामने क्या है चुनौतियां

जब वरिष्ठ नागरिकों और कोमोर्बिडिटी के शिकार 45 से 60 वर्ष की उम्र के लोगों को वैक्सीन लगेगी तो टीके लगने के बाद इसके प्रतिकूल असर का संभावित खतरा बढ़ सकता है.

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दंतेवाड़ा के कलेक्टर ओपी चौधरी ने नक्सल-प्रभावित ज़िले में शिक्षा को कैसे बढ़ावा दिया?

तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.

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‘35 साल में एक भी गवाह से पूछताछ नहीं’: दंगा करने के आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्यवाही पर रोक

नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने 1989 के दंगा और स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के मामले में एक पुलिस अधिकारी के...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.