बीते वर्षों में चीन कई वजहों से अफगानिस्तान में अपनी गतिविधियां चलाता रहा है, लेकिन दशकों बाद भारत जब अफगानी खेल में फिर से शरीक हो रहा है, तब चीन को नये खतरों का जायजा लेना ही पड़ेगा.
न कोई राजनीतिक आधार, न चुनाव लड़ने का कोई अनुभव, और न ही किसी स्थापित संगठन से कोई जुड़ाव, फिर भी अरविंद केजरीवाल ने जो कामयाबी हासिल की है वह ऐतिहासिक है.
साथ छोड़ने वाले सहयोगी दलों के प्रति मोदी और शाह की उदासीनता को अपने प्रभाव क्षेत्र के विस्तार की भाजपा की योजनाओं तथा अवांछित और अतिरिक्त बोझ से छुटकारा पाने की उसकी तत्परता के संदर्भ में देखा जाना चाहिए.
कोविड-19 ने दरअसल खेल प्रेमियों को याद दिलाया है कि अपने चहेते खिलाड़ियों से क्या अपेक्षा करें- विपरीत हालात के अनुरूप खुद को ढालना और उन्हें अपने पक्ष में इस्तेमाल करना.
कोविड वैश्विक महामारी से पहले एमआरएनए टेक्नोलॉजी को किसी भी दवा या वैक्सीन में मंज़ूरी नहीं मिली थी. लेकिन हंगरी की बायोकेमिस्ट कैटलिन कारिको ने अपनी रिसर्च भी छोड़ी नहीं.
नागरिकता कानून पर अमित शाह के बयान के बाद एएमयू में मोदी के भाषण से यही संकेत मिलता है कि मुसलमानों को अलग-थलग करने की उग्र राजनीति के कारण अंतरराष्ट्रीय संबंधों और आंतरिक सुरक्षा पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों का सरकार को एहसास होने लगा है.
पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के लिए, निर्वासन में जीने का मतलब शांतिपूर्ण जीवन नहीं होता. और करीमा बलोच की जैसी रहस्यमयी मौतें इस तकलीफ को और बढ़ा देती हैं.
रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.