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Monday, 9 February, 2026
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CDS बिपिन रावत ने गोरखपुर के छात्रों को अपनी संस्कृति को पुनर्स्थापित करने की नसीहत तो दे दी मगर सेना की परंपरा भूल गए

अगर गोरखनाथ मठ से जुड़ी संस्थाओं को भारतीय सेना ने अपने लिए निषिद्ध संस्थाओं की सूची में नहीं शामिल किया है, तो उसे दारुल उलूम देवबंद से जुड़ी संस्थाओं को भी इस सूची में शामिल नहीं करना चाहिए.

आयुर्वेद छात्रों को सर्जरी के प्रशिक्षण पर आपत्ति व्यावसायिक हितों के टकराव का नतीजा है

आयुर्वेद को जुगाड़ और चलताऊ इलाज बताकर खारिज करना हेल्थकेयर सिस्टम की किसी प्राचीन स्वदेशी प्रणाली के खिलाफ एक सबसे घातक दुष्प्रचार अभियान है.

मोदी सरकार ने किसानों को अनचाही सौगात दी, अब वो इसकी नामंजूरी संभाल नहीं पा रही

किसान पहले से कहते आये हैं कि हम बस इन तीन कृषि-कानूनों की वापसी चाहते हैं और वे अपनी इस बात पर अडिग हैं लेकिन दोष मढ़ा जा रहा है कि किसान बार-बार अपनी बात बदल रहे हैं.

सरकार को एहसास हो रहा है कि केन-बेतवा जोड़ना एक गलत कदम है, लेकिन अब पीछे नहीं हटा जा सकता

इस नामंजूरी की जद में पिछले साल सीईसी यानी केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशें हैं जिसने तमाम सरकारी दवाबों के बाद भी इस परियोजना पर गंभीर प्रश्न खड़े किए.

कर्ज़ से लेकर बेरोज़गारी तक- केवल कृषि ही नहीं बल्कि पंजाब की पूरी अर्थव्यवस्था में सुधार की ज़रूरत है

भारत का खाद्य भंडार पंजाब दशकों तक देश का सबसे धनी राज्य था और फिर वह कई अन्य राज्यों से पीछे छूटने लगा.

मैली कुचैली धोती पहने आसानी से भ्रमित होने वाले नहीं, सोचिये जरा- कैसे बदले ये किसान

अब किसानों को पहले की तरह शब्दजाल में फंसाकर या सब्जबाग दिखाकर अपना काम नहीं बनाया जा सकता. क्योंकि वे और उनके नेता न सिर्फ लोकतांत्रिक चेतना से सम्पन्न हो चुके हैं, बल्कि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और उनकी राह में आने वाले कानूनों की पूरी जानकारी से लैस भी हैं.

किसानों का आंदोलन दिखाता है कि मोदी की राजनीति भारतीय मध्यवर्ग की दो जमातों के बीच फंस गई है

मोदी सरकार के कृषि सुधारों में वे सारी विशेषताएं और भावनाएं निहित हैं, जो मध्यवर्गीय आकांक्षाओं पर आधारित मोदी मार्का राजनीति से जुड़ी हैं लेकिन ऐसा लगता है कि वे जनता का मूड भांपने में चूक गए हैं.

पाकिस्तान के सेना प्रेम में अब चीनी धन की भी भूमिका है और शीघ्र ही इसके पीछे विधायी ताकत भी होगी

अमेरिका को पुनर्विचार करने की ज़रूरत है. चीनी पैसे पर मौज करती पाकिस्तानी सेना हर तरह से बुरी खबर है, चाहे मैंडरिन में कही जाए या पंजाबी या अंग्रेजी में.

मोदी और शाह को चुनाव जीतने में भले महारत हासिल हो, मगर उनका काम राजनाथ और गडकरी के बिना चल नहीं सकता

कृषि क़ानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को शांत करने की मोदी सरकार की रणनीति पर्दे के पीछे से तैयार करने में जुटे हैं राजनाथ सिंह

भारत बंद- देश ऐसे संवैधानिक ‘ग्रे जोन’ में जा रहा है जहां सही और गलत का फैसला राजनीति करती है

कोई भी पक्ष संविधान का अक्षरश: पालन नहीं कर रहा है और भारत तेज़ी के साथ एक ऐसे नियम विहीन ज़ोन में दाखिल हो रहा है जहां कानून का नियम किसी भी चीज़ का मापदंड नहीं रह गया है.

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नया रक्षा बजट इतना अच्छा नहीं है कि भारत को 2047 की ‘विकसित सेना’ दे सके

विकसित सेना के गठन के लिए 2047 को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा का एक स्पष्ट ‘विजन’, हर 5 साल में समीक्षा की जाने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति और एक ठोस नेशनल डिफेंस पॉलिसी की ज़रूरत है.

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बजट में लिखी बातों को न तो पढ़ते और न ही सुनते हैं राहुल गांधी : स्मृति ईरानी

सूरत, नौ फरवरी (भाषा) पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार द्वारा...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.