वाजपेयी सरकार के जमाने में आरएसएस अपनी वैचारिक दासी भाजपा पर पकड़ बनाए रखने को उतावला दिखता था, तो अब वह मोदी की राजनीतिक पूंजी का पूरा लाभ उठाने की फिराक में है.
भारतीयों से पूछिए कि उनके लिए सबसे ज़्यादा अहम क्या है, और संभावना है कि अधिकांश लोग कहेंगे मेरा परिवार. लेकिन बहुत अजीब बात है कि भारत जैसे देश में, जो परिवार को ब्रह्माण्ड के केंद्र में रखता है, कुछ भारतीयों को परिवार नसीब ही नहीं होता.
गूगल या फेसबुक ट्रेंड पर क्लिक होने वाले सर्च में 40 फीसदी न्यूज के होते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में दुनिया भर में गूगल ने न्यूज डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस से 4.7 अरब डॉलर की कमाई की.
भारत को रणनीति के मामले में चीन और पाकिस्तान के साथ मिलकर बनने वाले त्रिकोण को तोड़कर बाहर निकलना ही होगा लेकिन इससे पहले उसे यह तय करना होगा कि क्या वह घरेलू चुनावी फायदों के चक्कर में अपने रणनीतिक विकल्प सीमित करना चाहता है?
मीम अब दो परमाणु संपन्न दुश्मन पड़ोसियों जो आपस मे बात नहीं कर रहे,के बीच विश्वास जगाने का नया जरिया बन गए हैं. पावरी से साथ पाकिस्तानी कह रहै हैं- घर में घुस कर हंसी से मारा.
मोदी सरकार पूरे साल भर के लिए बंधक बनकर नहीं रह सकती. उसे कोई समाधान निकालना होगा और वो भी शीघ्रता से. सरकार देश के किसानों को अलग-थलग करने का जोखिम नहीं उठा सकती.
कांकेर (छत्तीसगढ़), 13 अप्रैल (भाषा) छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मारी गई। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार...