बजट 2021 में शिक्षा क्षेत्र में हुए आवंटन की बात करें तो इस वर्ष शिक्षा क्षेत्र को 93,224.31 करोड़ रूपये आवंटित हुए है जो कि पिछले साल से 6087 करोड़ रूपये कम है.
पेपर अमेरिका और चीन के बीच तेजी से घटते अंतर के बारे में चेतावनी देता है. मतलब कि भारत को तुरंत फैसला करना है कि अगर साउथ चाइना सी या ताइवान में युद्ध हुआ तो किसी का पक्ष लेना चाहेगा या नहीं.
रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री के रूप में काफी आलोचनाएं झेलने के बाद सीतारमण के लिए इस बार का बजट एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है जिसके बाद अब उनके काम को शायद अधिक गंभीरता से लिया जाए.
एक समय था जब अन्ना को आज का महात्मा कहा गया था, वे आज उस दौर को वापस लाना चाहते हैं लेकिन उन्हें इसलिए खारिज मत कीजिए कि वे अरविंद केजरीवाल की महज एक कठपुतली बनकर रह गए थे.
हम जिस दौर का सामना कर रहे हैं, वह बहुत ही तमतमाया हुआ है. इसलिए कि कुछ शक्तियां आम लोगों के विवेक का अपहरण सुनियोजित तरीकों से कर रही हैं. उनका चेहरा दिख तो सात्विक रहा है लेकिन वह भीतर से क्रोधान्वेषित हैं.
टिकैत ने अपने आंसूओं से न केवल 2013 के दंगों की जनस्मृति को धो दिया, बल्कि वह सिखों की अगुआई वाले एक आंदोलन को जाटों के विद्रोह में भी बदलने में भी कामयाब रहे हैं.