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Monday, 23 February, 2026
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कहां हैं भारत के समलैंगिक पैरेंट्स? बहुत से भारतीयों के लिए परिवार रखना कोई विकल्प ही नहीं है

भारतीयों से पूछिए कि उनके लिए सबसे ज़्यादा अहम क्या है, और संभावना है कि अधिकांश लोग कहेंगे मेरा परिवार. लेकिन बहुत अजीब बात है कि भारत जैसे देश में, जो परिवार को ब्रह्माण्ड के केंद्र में रखता है, कुछ भारतीयों को परिवार नसीब ही नहीं होता.

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने तो Google की जेब से पैसे निकलवा लिए, क्या भारत में ऐसा हो पाएगा

गूगल या फेसबुक ट्रेंड पर क्लिक होने वाले सर्च में 40 फीसदी न्यूज के होते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में दुनिया भर में गूगल ने न्यूज डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस से 4.7 अरब डॉलर की कमाई की.

मोदी को शी की नीतियों की नकल नहीं करनी चाहिए क्योंकि भारत और चीन कई तरह से समान नहीं

व्यवसाय जगत के मामले में मोदी सरकार के नये रुख, और राजनीति तथा सार्वजनिक जीवन के मामले में अपनी चलाने के इसके पुराने तेवर में कोई तालमेल नहीं दिखता.

परिवार और पिता बनने के लिए माओवादियों ने सरेंडर किया लेकिन उनके इस सपने को काफी पहले छीन लिया गया

एक दशक के दौरान एकमात्र परिवर्तन ये हुआ कि पहले वह एक विद्रोही के रूप में एके-47 टांगता था, अब वह सरकार के सैनिक के रूप में ऐसा करता है.

भारत के सामने दो सीमा पर युद्ध से बचने की चुनौती, क्या मोदी रणनीतिक हितों के लिए राजनीति को परे रखेंगे

भारत को रणनीति के मामले में चीन और पाकिस्तान के साथ मिलकर बनने वाले त्रिकोण को तोड़कर बाहर निकलना ही होगा लेकिन इससे पहले उसे यह तय करना होगा कि क्या वह घरेलू चुनावी फायदों के चक्कर में अपने रणनीतिक विकल्प सीमित करना चाहता है?

अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान शांति की बात कर रहा है लेकिन भारत इस खेल को अब बहुत अच्छे से समझता है

अभी जो हालात हैं- अमेरिका, चीन और सऊदी अरब अलग-अलग दिशाओं में जा रहे हैं और इस सब के बीच पाकिस्तान फंस गया है.

एक इंस्टाग्रामर ने वो कर दिखाया जो दो सरकारें नहीं कर पाईं. भारत-पाकिस्तान में एक साथ ‘पावरी होरई है’

मीम अब दो परमाणु संपन्न दुश्मन पड़ोसियों जो आपस मे बात नहीं कर रहे,के बीच विश्वास जगाने का नया जरिया बन गए हैं. पावरी से साथ पाकिस्तानी कह रहै हैं- घर में घुस कर हंसी से मारा.

मोदी के पास एक ही रास्ता, टिकैत के साथ बैठें और कृषि कानूनों का मसौदा तैयार करें: जूलियो रिबेरो

मोदी सरकार पूरे साल भर के लिए बंधक बनकर नहीं रह सकती. उसे कोई समाधान निकालना होगा और वो भी शीघ्रता से. सरकार देश के किसानों को अलग-थलग करने का जोखिम नहीं उठा सकती.

ग्रामीण भारत कोई इतिहास का कूड़ेदान नहीं. तीन कृषि कानूनों ने दिखाया है कि किसानों को नई डील की जरूरत है

भारत में कृषि ठेठ भारतीय ढर्रे पर चलेगी. भारत के किसान कोई अतीत के अवशेष नहीं बल्कि वे सदियों से हैं और आने वाली तमाम सदियों तक उन्हें कायम रहना है.

CAA पर देर से और कमजोर हमला कर असम में एक बार फिर मौका चूके राहुल

सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने वाला सीएए भाजपा पर हमले का जोरदार हथियार बन सकता था मगर असम में कांग्रेस इसकी अनमनी, अनियमित, भ्रमित आलोचना तक ही सीमित दिखी.

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AI समिट पर घिरी मोदी सरकार को यूथ कांग्रेस के विरोध से मिला राहत का मौका

रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.

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ओडिशा में पिछले साल दुष्कर्म के 2,994 मामले और छेड़छाड़ की 7,382 शिकायतें दर्ज हुईं : मुख्यमंत्री

भुवनेश्वर, 23 फरवरी (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को विधानसभा को सूचित किया कि पिछले साल राज्य में दुष्कर्म के...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.