Monday, 6 December, 2021
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मोदी के गुजरात किले के पुराने खम्भे आज भी अडिग, लेकिन बेरोजगारी का दंश झेल रहे युवा वर्ग का विश्वास डिगा

अगर एक्जिट पॉल सही साबित हुए, जैसा कि योगेंद्र यादव कहते हैं, तो मोदी की जीत तय है. 2014 में मिली 27 प्रतिशत की बढ़त तो उनके काम आएगी मगर दीवार दरकती दिख रही है.

चुनाव आयोग के इतिहास में गुजरात चुनाव निम्नतम बिंदु है: योगेंद्र यादव

दिप्रिंट का सवाल: क्या पूर्व आइएएस अधिकारियों को चुनाव आयोग का कर्ताधर्ता नहीं बनना चाहिए, ताकि इसकी स्वतंत्रता बनी रहे ?

गुजरात में ‘केवट’ मोदी ने भाजपा की डूबती नय्या को कराया पार

चुनाव-प्रचार के दौरान कांग्रेस ने भाजपा की कमियों पर प्रहार किया, लेकिन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई तोड़ उनके पास नहीं था.

चाहा था कांग्रेस-मुक्त भारत; मिल गया: कांग्रेस-युक्त गुजरात

भाजपा की दो स्पष्ट विजय, गुजरात और हिमाचल प्रदेश, के बावजूद राजनीति का वह क्षेत्र खुल गया है, जो की 2019 तक सीलबंद लगता था.

एक स्वयंसेवक ने भी डाला कांग्रेस को वोट- गुजरातियों को हल्के में नहीं ले सकती भाजपा

2012 के उलट, आखिरकार भाजपा को गुजरात में कुछ चुनौती मिल रही है। जिग्नेश मेवाणी, हार्दिक पटेल और खुद भाजपा ही इसके कारक हैं.

आखिर एक दलित के लिए क्या मायने रखती है जिग्नेश की जीत

मैं महसूस कर सकता हूं कि अतीत में आपको क्या कुछ से गुजरना पड़ा होगा क्योंकि एक दलित लड़का कुछ करना चाहे तो उसे...

मोदी के करिश्माई चुनाव अभियान की बदौलत ही गुजरात में बच पाई भाजपा

प्रधानमंत्री ने जो तूफानी चुनाव अभियान चलाया, वह सफल बचाव कार्य में बदल गया और वह विपक्ष से बाजी मारने में मददगार साबित हुआ.

अमृता फड़नवीस: एक राजनेता की ‘दबी दबी’ बीवी की आम छवि से कहीं अलग

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की पत्नी अमृता फड़नवीस की पिछले तीन साल में काफी बड़ाई और बुराई भी हुई है, लेकिन इससे वह अपनी पसंद अपनाना नहीं भूली हैं.

मोदीजी न तो यह नो बॉल थी, न वाइड बॉल या बाउंसर या बीमर

राजनीति में तकरार चाहे जितनी भी तल्ख क्यों न हो, अपने विरोधी या पूर्ववर्ती की देशभक्ति पर सवाल नहीं उठाया जाता. उस पर खराब फैसले, रीढ़विहीनता, मतिभ्रम आदि के आरोप तो चलेंगे. मगर देशद्रोह के आरोप? कतई नहीं!

अब क्या सोनिया रानी या रानी मां बन जाएंगी या केवल राहुल की मां बनकर रह जाएंगी?

माना जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी के अगले अधिवेषन में सोनिया गांधी के लिए आजीवन संरक्षिका का एक नया पद बनाने का प्रस्ताव पारित हो सकता है

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नागालैंड में हत्याओं के बाद पूर्वोत्तर में AFSPA हटाने की मांग ने फिर पकड़ा जोर

‘मणिपुर वीमेन गन सर्वाइवर्स नेटवर्क’ और ‘ग्लोबल अलायंस ऑफ इंडिजिनस पीपल्स’ की संस्थापक बिनालक्ष्मी नेप्राम ने आफस्पा को 'औपनिवेशिक कानून' बताते हुए कहा कि यह सुरक्षा बलों को 'हत्या करने का लाइसेंस' देता है.

लास्ट लाफ

‘फ्री स्पीच चैंपियन’ ममता का बीता हुआ कल और मोदी मुक्का मारने के बजाए चबाने का मज़ा लेते हैं

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए पूरे दिन के सबसे अच्छे कार्टून