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Monday, 16 March, 2026
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मत-विमत

अशोका यूनिवर्सिटी से प्रताप भानु मेहता के जाने पर कोई भी सही सवाल नहीं पूछ रहा

जहां तक प्रतापभानु मेहता के इस्तीफे का सवाल है, हमने एक कमजोर को अपना निशाना बनाना के लिए चुन लिया है लेकिन कोई भी कमरे में आ बैठे हाथी पर अंगुली नहीं उठा रहा.

वैचारिक झुकाव के आधार पर पुलिस प्रमुखों की नियुक्ति राष्ट्र-विरोधी हैः जूलियो रिबेरो

मुंबई पुलिस एक अच्छी फोर्स रही है. सही नेतृत्व मिलने पर यह कभी अपने प्रदर्शन में नाकाम साबित नहीं हुई. बहुत कुछ नेतृत्व करने वाले पर निर्भर करता है, एक गलत विकल्प चुनना पतन की ओर धकेल देता है.

UDF के पास केरल में मौका था, लेकिन कांग्रेस ने खतरनाक साम्प्रदायिक गेम खेला है

इस चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ खेमे का लस्तपस्त हाल देखकर तो यही लगता है कि उसके नेताओं ने अपनी चुनावी रणनीति बनाने का काम जमात-ए-इस्लामी और आरएसएस के नेतृत्व वाले संघ परिवार को सौंप दिया है.

भाजपा के लिए उद्धव ठाकरे इस बात की सटीक मिसाल हैं कि कैसे सरकार नहीं चलाई जानी चाहिए

सरकार बनाने के लिए ज़रूरी संख्या बल जुटाने से भी अधिक आनंददायक होता है पूर्व मेंसहयोगी रहे अपनेप्रतिद्वंद्वीको लगातार शर्मिंदगी झेलते और सत्ता केनाकाबिल नज़र आते देखना.

मुसलमानों को अज़ान के लिए लाउडस्पीकर का प्रयोग बंद कर देना चाहिए, मोहम्मद साहब भी इसको नकारते

लाउडस्पीकर से अज़ान कभी-न-कभी तो बंद करना पड़ेगा. उम्मीद यही की जानी चाहिए कि इसे मौजूदा क़ानूनों को लागू करने की प्रक्रिया के तहत करने की जरूरत न पड़े बल्कि मुस्लिम समुदाय की ओर से अच्छे पड़ोसी के रूप में उनके सामूहिक विवेक और जमीर के प्रदर्शन के तौर पर हो.

न सुशांत काम आए, न कोविड और न ही कंगना, महाराष्ट्र में सरकार गिराने को अब आगे क्या करेगी बीजेपी

महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार का तख्ता पलट कर बदला लेने को बेताब भाजपा अब अंबानी-सचिन वाज़े कांड, राज्य में कोविड के बढ़ते मामलों और भ्रष्टाचार के आरोपों का सहारा लेती दिख रही है

भगत सिंह ने सावरकर को ‘वीर’ और ‘कट्टर अराजक’ बताया लेकिन आजादी को लेकर दोनों के उद्देश्य एक थे

रत्नागिरि में सावरकर के घर पर हमेशा भगवा झंडा फहराया जाता था. लेकिन भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के बलिदान के अगले दिन उनके घर पर काला झंडा लहरा रहा था.

आरएसएस की टीम के पुनर्गठन में भाजपा के लिए भी संदेश है

आरएसएस की पुनर्गठित टीम संघ और सरकार के बीच अधिक सुचारू समन्वय के प्रयास का संकेत देती है, लेकिन शनिवार की कवायद के ज़रिए एक कहीं बड़ा संदेश दिया गया है.

क्यों लोहिया अपने जन्मदिन के बजाय 23 मार्च को शहादत दिवस मनाने पर जोर देते थे

1931 में 23 मार्च को भगत सिंह और उनके साथियों की शहादत के बाद लोहिया ने अपना जन्मदिन मनाना बन्द कर ही दिया था.

‘कैच द रेन’ की बजाए ‘कैच द रिवर’ कहना सही होगा, केन-बेतवा नदियों के भविष्य पर गहराया संकट

केन और बेतवा दोनों ही नदियां मध्य प्रदेश से निकलती हैं. केन जबलपुर के पास से निकलकर पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के बीच से बहती हुई बांदा के पास यमुना में मिल जाती है और बेतवा होशंगाबाद के पास से निकलती है.

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जब धार्मिक पहचान और आरक्षण टकराते हैं—अदालतें क्या कह रही हैं?

क्या किसी ने सच में यह जांचा कि चर्च जाने के बावजूद उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज़ बनाए रखे थे या नहीं? यह पता नहीं है, क्योंकि इसके लिए किसी व्यक्ति की निजी ज़िंदगी में और गहरी जांच करनी पड़ती, और कोई भी राज्य इतने लोगों की निजी ज़िंदगी में इतना अंदर तक नहीं जा सकता.

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केरल विधानसभा चुनाव में एलडीएफ के सहयोगी दल के रूप में चुनाव लड़ेगा राजद : तेजस्वी यादव

पटना, 15 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी आगामी केरल विधानसभा चुनाव...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.