scorecardresearch
Saturday, 18 April, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

हमने अपने पाठकों से पूछा कि वो दिप्रिंट को क्यों पसंद करते हैं, उन्होंने हमें यह बताया

कुल 12 सवाल थे, सीधे-सादे और दो-टूक जिससे यह जानना था कि क्या दिप्रिंट की दिशा सही है? इसके पाठक कौन हैं? वो दिप्रिंट में क्या पढ़ते हैं? वे उसकी सामग्री से कितना संतुष्ट हैं?

हिंदुइज़्म बनाम हिंदुत्व को लेकर बहस उदारवादियों के बौद्धिक आलस को दिखाता है

हिंदू धर्म के गैर-भाजपाई समर्थक यह नहीं समझ रहे हैं कि हिंदुत्व की सफलता दरअसल उनकी वाली धर्मनिरपेक्षता की नाकामी का नतीजा है. अगर वे हिंदुत्व का विकल्प प्रस्तुत करने को सच में गंभीर हैं तो उन्हें भारत की जमीनी हकीकतों पर ध्यान देना ही होगा.

मोदी ने UP के लिए चुनावी इंजीनियरिंग के दो आयोजनों में सेना का इस्तेमाल किया, यह एक बुरा संकेत है

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर वायु सेना का हवाई करतब और झांसी में सैन्य उपकरण ‘समर्पण’ के दौरान सैन्य प्रतिष्ठान जाने-अनजाने भाजपा के चुनाव प्रचार का हिस्सा बना

वीर दास का कहना बिल्कुल सही है, हम दो भारत में रहते हैं जिसके बीच की खाई कम नहीं हो रही

एक भारत वह है जिसका प्रतिनिधित्व तमिलनाडु करता है, तो दूसरे का प्रतिनिधित्व बिहार करता है. मानव विकास के संकेतकों के मामले में उन दोनों के बीच बड़ी खाई है जबकि बिजली-पानी के मामले में दोनों एक भारत के हैं.

अजीत डोभाल मेरे बैचमेट थे. हालांकि, संविधान और सिविल सोसाइटी के बारे में उनकी समझ सही नहीं है

डोभाल के बयान से ऐसा लगता है कि वे भारत को अभी भी औपनिवेशिक राजशाही मानते हैं, जहां लोगों को प्रजा माना जाता है; कि वह एक लोकतंत्र नहीं है, जहां लोगों को नागरिक माना जाता है.

चीनी नौसेना बना रही आगे की रणनीति, भारत समुद्र के ऊपर या अंदर तैयारी के मामले में उससे कोसों पीछे

चीन जहां विमान वाहक से लेकर युद्ध पोतों तक अपना नौसैनिक बेड़ा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, वहीं भारतीय नौसेना का बजट लगातार घटता जा रहा है.

संविधान दिवस : 26 नवम्बर ‘अंतर्विरोधों के नये युग’ से कब बाहर निकलेंगे हम?

डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने संविधान सभा में अपने समापन भाषण में कहा था, ‘आखिरकार, एक मशीन की तरह संविधान भी निर्जीव है. इसमें प्राणों का संचार उन व्यक्तियों द्वारा होता है जो इस पर नियंत्रण करते हैं तथा इसे चलाते हैं.

कृषि कानूनों पर बहस में असली मुद्दे से मोदी सरकार भी कतरा गई और कानूनों के विरोधी भी

अब जबकि कृषि कानून वापस ले लिये गए हैं, कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) व्यवस्था कितनी कारगर रही है या नहीं रही इस पर विचार करके एक नयी शुरुआत की जा सकती है

MSP देने से देश दिवालिया नहीं होने वाला, बंद करें बहानेबाजी

बीजेपी के संगी-साथी, मुक्त बाजार के पैरोकार और पर्यावरण-प्रेम के नाम पर जेहादी तेवर अपना रखने वाले योद्धाओं की फैलायी एमएसपी की कहानी के छह झूठ का पर्दाफाश !

कृषि कानूनों के पूरे प्रकरण ने भारत की आंतरिक फूट को उजागर किया है, अब इसे पाटने का समय है

भारत अपनी आर्थिक वृद्धि और राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंडराती चुनौतियों का सामना सबसे पहले अपनी आंतरिक एकता को मजबूत करने की अधिकतम कोशिश किए बिना नहीं कर सकता.

मत-विमत

ईरान पर ट्रंप-नेतन्याहू का दांव: क्या फिर लौट रही है ‘रिजीम चेंज’ की नीति?

अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है

वीडियो

राजनीति

देश

मध्यप्रदेश के मैहर में तालाब में डूबने से दो चचेरी बहनों की मौत

मैहर (मध्यप्रदेश), 18 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के मैहर में शनिवार को एक तालाब में नहाने के दौरान डूबने से दो चचेरी बहनों की मौत...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.