50 वाले दशक की हिंदी फिल्मों में पत्रकार हीरो हुआ करते थे और बाद में तिकड़मी और जोकर तक के रूप में पेश किए जाने लगे, यह सोशल मीडिया पर खासकर महिला पत्रकारों को निशाना बनाए जाने को ही प्रतिबिंबित करता है.
कानून की किताब में शामिल राजद्रोह के प्रावधान के बारे में हम इसके ब्रिटिशकाल का काला कानून होने या लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसके लिए कोई स्थान नहीं होने जैसी टिप्पणियां करते रहें लेकिन इस प्रावधान को हटाना आसान नहीं लग रहा है.
किसान, किसान नेता, अर्थशास्त्री और नीति-निर्माता सबको भावांतर भरपायी योजना का बारीकी से अध्ययन करना चाहिए क्योंकि यह योजना भविष्य का रास्ता दिखाती है और उससे जुड़ी मुश्किलों के बारे में भी सिखाती है.
संवैधानिक नैतिकता का कार्य धर्मांतरण की सुविधा के बजाय संवैधानिक मूल्यों, मानदंडों और प्रावधानों की प्राप्ति सुनिश्चित करना है. धर्म और अन्तःकरण का व्यक्ति की पसंद के ईश्वर और अलौकिक शक्ति के साथ गहरा संबंध है. इस तरह का संबंध भौतिक वस्तुओं के लाभ की इच्छा से परे होता है.
क्या होता है जब परमाणु हथियारों को दागा जाना शुरू होता है? भारत को यह बात समझनी चाहिए कि हाइपरसोनिक मिसाइल बड़ी ताकत हासिल करने के प्रयास का एक हिस्सा भर है.
हाल के कुछ वर्षों में सोनपापड़ी सोशल मीडिया पर चल रहे कई सारे चुटकुलों और मीम्स का भी हिस्सा बन गयी हैं. और तो और, इसे कितना नापसंद किया जा रहा है उसे साबित करने के लिए डेटा भी उपलब्ध है.
मोहम्मद शमी भारत के चहेते गेंदबाज हैं, तो उनके खिलाफ नफरत उगलना किसने शुरू किया? इसी तरह, बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा कैसे शुरू हुई? गुस्से में आने से पहले जरा इस पर भी गौर कीजिए.
भाजपा के लिए मीडिया का मोर्चा संभालने वाले लोग अखबारों और टीवी चैनलों को फोन करके कह रहे थे कि शाह के इस बयान की अनदेखी कर दें, क्योंकि वे जानते थे कि शाह गलत बोल रहे थे